केंट क्षेत्र में श्रमिक की हत्या का मामला: 4 माह में मिला न्याय
माननीय न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया
गुना पुलिस की सशक्त विवेचना और प्रभावी पैरवी से मिली कड़ी सजा
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों का पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मान
गुना पुलिस द्वारा जिले में चिन्हित एवं सनसनीखेज प्रकरणों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अभियोजन पक्ष द्वारा सुसंगत एवं तर्कपूर्ण साक्ष्यों को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत केंट थाना क्षेत्र में घटित सनसनीखेज हत्या के एक प्रकरण में पुलिस की सटीक विवेचना एवं मजबूत अभियोजन के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा मात्र 4 माह में ही आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।
घटना का विवरण
दिनांक 16 नवम्बर 2025 को केंट क्षेत्र में निर्माणाधीन हाईराइज शासकीय क्वार्टर में कार्यरत बिहार निवासी श्रमिक शंकर (उम्र 22 वर्ष) की उसके साथी श्रमिक तूफानी मांझी एवं राजेश मांझी द्वारा मारपीट कर तथा सिर को कीचड़ में दबाकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के संबंध में केंट थाने में अप.क्र. 1029/25 धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। केंट थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मात्र एक घंटे में ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन
सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण तथा केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक राहुल शर्मा द्वारा अत्यंत बारीकी एवं सटीकता से जांच करते हुए मजबूत साक्ष्य एकत्रित किए गए। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत दिनांक 23 जनवरी 2026 को अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा सभी गवाहों को समय पर प्रस्तुत करते हुए साक्ष्यों को मजबूती के साथ न्यायालय के समक्ष रखा गया। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी श्री हजारीलाल बैरवा के मार्गदर्शन में लोक अभियोजक श्री अलंकार बशिष्ठ द्वारा प्रभावी ढंग से की गई।
न्यायालय का निर्णय
माननीय सत्र न्यायाधीश श्री अभिताभ मिश्र, न्यायालय गुना द्वारा दिनांक 18 अप्रैल 2026 को निर्णय सुनाते हुए दोनों आरोपियों तूफानी पुत्र कैलाश मांझी (उम्र 27 वर्ष) एवं राजेश पुत्र सुखदेव मांझी (उम्र 29 वर्ष) निवासीगण ग्राम खेरवादर्प जिला शिवहर (बिहार) को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास एवं प्रत्येक को 1-1 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
पुलिस टीम का सम्मान
इस प्रकरण में उत्कृष्ट कार्य कर आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली टीम, जिला अभियोजन अधिकारी श्री हजारीलाल बैरवा, लोक अभियोजक श्री के.जी. राठौर, लोक अभियोजक श्री अलंकार बशिष्ठ, सीएसपी श्रीमती प्रियंका मिश्रा, निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक राहुल शर्मा, उपनिरीक्षक बुन्देल सिंह सुनेरिया, सउनि ईश्वर टोप्पो, प्रधान आरक्षक अमित तिवारी, प्रधान आरक्षक गौरीशंकर सांसी, आरक्षक महेन्द्र वर्मा, आरक्षक राजू वघेल, आरक्षक सूर्यभान जाट, आरक्षक धर्मेन्द्र रघुवंशी एवं आरक्षक शुभम रघुवंशी द्वारा किए गये उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा सभी को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करते हुए उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन श्री अरविन्द सक्सेना द्वारा इस टीम को 30,000/- रुपये नगद इनाम से पुरूष्कृत करने की घोषणा की गई है।
गुना पुलिस का संदेश
गंभीर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु इस प्रकार की कार्यवाहियां लगातार जारी रहेंगी।

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