ग्राम झिरिया में किसान की फसल और मोटरसाइकिल आग में स्वाहा, आर्थिक संकट में मदद की गुहार
केसली (सागर)। तहसील केसली के अंतर्गत ग्राम झिरिया में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जहाँ एक किसान की मेहनत से उगाई गई फसल और उसकी मोटरसाइकिल आग की चपेट में आकर नष्ट हो गई। आग इतनी भीषण थी कि किसान के खेत पहुंचने तक सब कुछ जलकर राख में बदल चुका था। अब पीड़ित किसान ने अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर से सहायता की मांग की है।
दोपहर का सन्नाटा और अचानक भड़की आग
राजस्व निरीक्षक मंडल सहजपुर के पटवारी हल्का नंबर 44 के निवासी किसान राजदीप पिता अरुण सिंह राजपूत ने बताया कि वह अपनी 1.12 हेक्टेयर भूमि पर लगी गेहूं की फसल की कटाई कर चुके थे। कटी हुई फसल को थ्रेसिंग के लिए खेत में एकत्रित किया गया था। कुछ दिन पूर्व दोपहर के समय अचानक इस ढेर में आग लग गई।
जब तक गाँव के किसी व्यक्ति ने किसान के घर जाकर आगजनी की सूचना दी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। किसान राजदीप ने बताया कि वह महज कुछ ही मिनटों में खेत पहुँच गया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि फसल का एक दाना भी नहीं बचाया जा सका।
फसल के साथ बाइक भी हुई राख
इस अग्निकांड में न केवल गेहूं की उपज नष्ट हुई, बल्कि खेत में खड़ी किसान की मोटरसाइकिल भी आग की चपेट में आ गई। किसान के लिए यह दोहरा आर्थिक आघात है, क्योंकि फसल से उसे साल भर के राशन और खर्च की उम्मीद थी, वहीं मोटरसाइकिल आवागमन का एकमात्र साधन थी।
प्रशासनिक कार्रवाई और आश्वासन
घटना के तुरंत बाद पीड़ित किसान ने राजस्व विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही हल्का पटवारी नंदकिशोर सिंह गौड़ ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का भौतिक सत्यापन किया। पटवारी ने बताया:
"मुझे फोन के माध्यम से सूचना मिली थी। मैंने मौके पर जाकर पंचनामा तैयार किया है और जांच रिपोर्ट राजस्व कार्यालय केसली में जमा कर दी गई है।"
पीड़ित किसान की मार्मिक अपील
पीड़ित किसान राजदीप ने मीडिया के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री और सागर जिला कलेक्टर से विशेष आग्रह किया है कि उसे जल्द से जल्द राहत राशि प्रदान की जाए। किसान का कहना है कि उसकी पूरी आर्थिक स्थिति इस फसल पर निर्भर थी और अब परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
मुख्य बिंदु:
- स्थान: ग्राम झिरिया, हल्का नं. 44, तहसील केसली।
- नुकसान: 1.12 हेक्टेयर की गेहूं की फसल और एक मोटरसाइकिल।
- मांग: शासन-प्रशासन से तत्काल उचित मुआवजे की मांग।

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