मध्य प्रदेश: केसली में ओलावृष्टि से किसानों की फसलों पर संकट

मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट लेकर किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया। तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि ने रबी की फसलें पककर तैयार होने के बावजूद किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

शाम 5 बजे शुरू हुआ ओलों का दौर

20 मार्च, शुक्रवार को शाम करीब 5 बजे केसली तहसील के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक काले बादल घिर आए। हल्की बारिश के साथ छोटे-छोटे ओले गिरने लगे, जिसने इलाके के तापमान में गिरावट ला दी। हालांकि, यह ठंडक किसानों के लिए मुसीबत बनकर आई है।

खड़ी फसलों पर मंडराया संकट

इस समय अधिकांश किसानों की फसलें जैसे चना, गेहूं और मसूर या तो कटने की कगार पर हैं या खेतों में पककर खड़ी हैं। ओलावृष्टि से फसलों को कई प्रकार के नुकसान का डर है:

  • ओलों की चोट: ओले गिरने से दाने झड़ने और फसल के टूटने का खतरा है।
  • नमी का खतरा: बारिश से फसलों में नमी आने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
  • कटाई में देरी: इस मौसम के कारण हार्वेस्टिंग का काम रुक गया है, जिससे लागत बढ़ने की संभावना है।

किसानों के लिए यह समय अत्यधिक सावधानी बरतने का है, क्योंकि प्राकृतिक आपदा के चलते फसल का नुकसान उनके आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। सरकारी मदद और उचित मुआवजे की उम्मीद में किसान इस संकट का सामना कर रहे हैं।