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एमपी कृषि कल्याण वर्ष 2026: खमरिया में किसानों को सिखाया 'ई-टोकन' का डिजिटल मंत्र

ब्लॉक केसली में कृषि विभाग ने लगाया जागरूकता कैंप; खाद वितरण और सरकारी योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

February 06, 2026 08:46 AM 1 min read 22 views
एमपी कृषि कल्याण वर्ष 2026: खमरिया में किसानों को सिखाया 'ई-टोकन' का डिजिटल मंत्र
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एमपी कृषि कल्याण वर्ष 2026: खमरिया में किसानों को सिखाया 'ई-टोकन' का डिजिटल मंत्र

मध्य प्रदेश में 'कृषि कल्याण वर्ष 2026' का शुभारंभ: किसानों के लिए विशेष जागरूकता शिविर केसली (सागर) - मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 'कृषि कल्याण वर्ष 2026' के भव्य शुभारंभ के अवसर पर ब्लॉक केसली के अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरिया में एक विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और खाद वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना था।

ऑनलाइन ई-टोकन प्रक्रिया: खाद के लिए अब नहीं लगेगी कतार शिविर के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए हो रही असुविधाओं से बचने हेतु ऑनलाइन ई-टोकन बुकिंग की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल से खाद के लिए टोकन बुक कर सकते हैं। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

सरल प्रक्रिया: पोर्टल या ऐप के माध्यम से अपने सुविधानुसार समय और केंद्र का चयन। समय की बचत: लंबी कतारों से मुक्ति और तय समय पर खाद की उपलब्धता। पारदर्शिता: कालाबाजारी पर रोक और सही किसान तक खाद की पहुँच। सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी कार्यक्रम में खाद वितरण के साथ-साथ खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार की अन्य योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने किसानों को निम्नलिखित विषयों पर मार्गदर्शन दिया:

मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड: उर्वरकों के सही चयन हेतु मिट्टी परीक्षण की महत्ता। उन्नत बीज वितरण: कम लागत में अधिक पैदावार देने वाली किस्मों की जानकारी। ड्रिप सिंचाई योजना: जल संरक्षण और सिंचाई के आधुनिक तरीकों पर मिलने वाली सब्सिडी। पीएम किसान सम्मान निधि: योजना के तहत केवाईसी (e-KYC) और किश्तों से जुड़ी समस्याओं का समाधान। किसानों की सक्रिय भागीदारी खमरिया और आसपास के क्षेत्र से आए किसानों ने इस चर्चा में सक्रिय भाग लिया। उन्होंने अधिकारियों से अपनी समस्याओं पर संवाद किया और डिजिटल तकनीक को अपनाने का संकल्प लिया। क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने सरकार की इस पहल को सराहा और कहा कि "ई-टोकन जैसी व्यवस्था से खेती-किसानी के कार्यों में सुगमता आएगी।"

अधिकारियों का संदेश: "कृषि कल्याण वर्ष 2026 का लक्ष्य हर किसान को तकनीक से जोड़ना है। यदि किसान जागरूक होगा, तभी मध्य प्रदेश की कृषि व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।"

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