Sun, July 12, 2026
India's 1st AI-Enabled News Ecosystem
ताज़ा खबर
🚨 लापरवाही बरतने वाले समूह तत्काल हटाए जाएं, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन :- कलेक्टर वर्मा - Shivpuri 🚨 किसान बच्चों समेत बैठे बेयरहाउस के गेट पर धरने पर 🚨 रनेह पुलिस अभिरक्षा से भागा आरोपी गिरफ्तार,चल रही पूछताछ ,मामले में तीन पुलिसकर्मी हो चुके निलंबित... 🚨 झीलों की नगरी मे होगा आदित्योदय का शुभ आगमन 🚨 लापरवाही बरतने वाले समूह तत्काल हटाए जाएं, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन :- कलेक्टर वर्मा - Shivpuri 🚨 किसान बच्चों समेत बैठे बेयरहाउस के गेट पर धरने पर 🚨 रनेह पुलिस अभिरक्षा से भागा आरोपी गिरफ्तार,चल रही पूछताछ ,मामले में तीन पुलिसकर्मी हो चुके निलंबित... 🚨 झीलों की नगरी मे होगा आदित्योदय का शुभ आगमन 🚨 लापरवाही बरतने वाले समूह तत्काल हटाए जाएं, बच्चों को मिले गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन :- कलेक्टर वर्मा - Shivpuri 🚨 किसान बच्चों समेत बैठे बेयरहाउस के गेट पर धरने पर 🚨 रनेह पुलिस अभिरक्षा से भागा आरोपी गिरफ्तार,चल रही पूछताछ ,मामले में तीन पुलिसकर्मी हो चुके निलंबित... 🚨 झीलों की नगरी मे होगा आदित्योदय का शुभ आगमन

गेहूं की बालियों में भराव के समय बढ़ी तपिश: सागर के केसली में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

फरवरी में ही तीखी होने लगी धूप; गेहूं के दाने और चने की फसल पर मंडराया संकट, उत्पादन घटने की आशंका

गेहूं की बालियों में भराव के समय बढ़ी तपिश: सागर के केसली में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

बढ़ते तापमान से संकट में गेहूं और चने की फसलें: किसानों की बढ़ी चिंताएं केसली (सागर): फरवरी में 28 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचना गेहूं की 'मिल्किंग स्टेज' (दूधिया अवस्था) के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली क्षेत्र में मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही तापमान में अचानक आई उछाल ने ठंड के असर को लगभग खत्म कर दिया है। जहां आम लोगों को सर्दी से राहत मिली है, वहीं खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

देरी से बोवनी बनी मुसीबत का कारण इस वर्ष केसली क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में गेहूं और चने की बोवनी विलंब से हुई थी। वर्तमान में अधिकांश खेतों में गेहूं की फसल 'बालियां आने' और 'दानों के भराव' की महत्वपूर्ण अवस्था में है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, गेहूं के दानों के बेहतर भराव और चमक के लिए इस समय हल्की ठंड और अनुकूल नमी की आवश्यकता होती है।

तीखी धूप का फसलों पर प्रभाव गेहूं का उत्पादन: दाने भरते समय अधिक गर्मी होने से दाना सिकुड़ सकता है और वजन में हल्का रह सकता है। इससे कुल पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है। चने की फसल: चने में इस समय फूल लग रहे हैं। अचानक बढ़े तापमान के कारण फूल झड़ने या मुरझाने का खतरा बढ़ गया है, जिससे फलियां कम बनेंगी। मिट्टी में नमी की कमी: तेज धूप के कारण खेतों की नमी तेजी से उड़ रही है, जिससे पौधों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई का संकट और गिरता जलस्तर बढ़ते तापमान को देखते हुए किसान खेतों में नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई का सहारा ले रहे हैं। लेकिन यहाँ भी राह आसान नहीं है। क्षेत्र के कई गांवों में जलस्रोतों (कुओं और बोरवेल) का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे कई किसानों के पास पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है।

बचाव के उपाय: कृषि विशेषज्ञों की सलाह हल्की सिंचाई: रात या सुबह के समय खेतों में हल्की सिंचाई करें ताकि तापमान नियंत्रित रहे। पोटेशियम का छिड़काव: दाने के भराव में मदद के लिए विशेषज्ञ की सलाह पर पोटेशियम के घोल का छिड़काव किया जा सकता है। नमी प्रबंधन: स्प्रिंकलर (फव्वारा पद्धति) का उपयोग करें ताकि पानी कम खर्च हो और फसल को शीतलता मिले। किसानों का पक्ष: "अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो हमारी लागत निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। गेहूं की बालियों में दूध सूख रहा है और दाना पुष्ट नहीं हो पा रहा है। इस समय हमें प्राकृतिक ठंड की सख्त जरूरत थी।" — स्थानीय किसान

नोट: फसल में कोई भी केमिकल डालने से पहले एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

Reactions
Comments (0)
× Full-size image