Wed, 28 Oct 2026
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ईपीएफओ का महा-अभियान: 30 अप्रैल तक कर्मचारियों को मिलेगा भविष्य निधि का लाभ

कर्मचारी नामांकन अभियान 2026: छूटे हुए कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी

February 06, 2026 08:50 AM 1 min read 28 views
ईपीएफओ का महा-अभियान: 30 अप्रैल तक कर्मचारियों को मिलेगा भविष्य निधि का लाभ
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ईपीएफओ का विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान: कामगारों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ केसली (सागर) - कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। सागर जिले के केसली सहित देश भर में 'विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान' शुरू किया गया है, जो 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। इस अभियान का उद्देश्य उन कर्मचारियों को ईपीएफ (EPF) के दायरे में लाना है, जो पात्रता होने के बावजूद अब तक इस सुविधा से वंचित हैं।

अभियान का मुख्य उद्देश्य इस विशेष अभियान के अंतर्गत उन कर्मचारियों की पहचान की जा रही है जिन्होंने 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच नौकरी ज्वाइन की थी, लेकिन उनका नामांकन ईपीएफओ में नहीं हो सका। विभाग का प्रयास है कि इन 8 वर्षों के दौरान छूटे हुए सभी पात्र कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाए।

नियोक्ताओं के लिए अवसर और जिम्मेदारी पंजीकरण की सुविधा: जो संस्थान अब तक ईपीएफओ के साथ पंजीकृत नहीं हुए हैं या जिन्होंने अपने कुछ कर्मचारियों की जानकारी छुपाई है, वे इस अवधि में बिना किसी भारी जुर्माने के सुधार कर सकते हैं। सामाजिक सुरक्षा: नामांकन होने से कर्मचारियों को न केवल रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलेगी, बल्कि सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में उनके परिवार को कर्मचारी निक्षेप सहबद्ध बीमा (EDLI) योजना का लाभ भी मिल सकेगा। कर्मचारियों को क्या होगा फायदा? पीएफ संचय: वेतन का एक हिस्सा भविष्य के लिए सुरक्षित होगा। पेंशन लाभ: 10 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद आजीवन पेंशन की पात्रता। बीमा कवर: कर्मचारी की असामयिक मृत्यु पर परिजनों को ₹7 लाख तक की बीमा राशि। पारदर्शिता: 'यूनिवर्सल अकाउंट नंबर' (UAN) के माध्यम से कर्मचारी कहीं भी, कभी भी अपना फंड ट्रैक कर सकेंगे। स्थानीय प्रशासन की अपील सागर क्षेत्र के ईपीएफओ प्रतिनिधियों ने सभी निजी संस्थानों, स्कूलों, फैक्ट्रियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे 30 अप्रैल की समय सीमा से पहले अपने कर्मचारियों का नामांकन पूर्ण करें। अभियान की समाप्ति के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

यह अभियान न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि नियोक्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वे सामाजिक सुरक्षा के इस पहलू का लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करें।

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