Tue, April 28, 2026
E-paper
ताज़ा खबर
🚨 बिना वैध अभिवहन पास गिट्टी परिवहन करते डंपर जब्त, खनिज विभाग की बड़ी कार्यवाही  🚨 अपर कलेक्टर ने 170 आवेदन पत्रों पर की जनसुनवाई 🚨 कलेक्टर ने किया जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण 🚨 कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र बैढ़न का किया औचक निरीक्षण 🚨 बिना वैध अभिवहन पास गिट्टी परिवहन करते डंपर जब्त, खनिज विभाग की बड़ी कार्यवाही  🚨 अपर कलेक्टर ने 170 आवेदन पत्रों पर की जनसुनवाई 🚨 कलेक्टर ने किया जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण 🚨 कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र बैढ़न का किया औचक निरीक्षण 🚨 बिना वैध अभिवहन पास गिट्टी परिवहन करते डंपर जब्त, खनिज विभाग की बड़ी कार्यवाही  🚨 अपर कलेक्टर ने 170 आवेदन पत्रों पर की जनसुनवाई 🚨 कलेक्टर ने किया जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण 🚨 कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र बैढ़न का किया औचक निरीक्षण

बागवानी फसलों के बेहतर रख-रखाव के लिए सरकार देगी अनुदान, आवेदन प्रक्रिया शुरू

एकीकृत बागवानी विकास मिशन: पैक हाउस और प्री-कूलिंग यूनिट जैसी सुविधाओं पर मिलेगी सब्सिडी

Share: Twitter
बागवानी फसलों के बेहतर रख-रखाव के लिए सरकार देगी अनुदान, आवेदन प्रक्रिया शुरू posted by Manish Kumar Chaubey from Sagar

सागर के किसानों के लिए राहत: फसलोत्तर प्रबंधन पर मिलेगा भारी अनुदान सागर: सागर जिले के केसली सहित अन्य क्षेत्रों के किसानों के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत 'फसलोत्तर प्रबंधन' पर अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य फलों और सब्जियों की बर्बादी को रोकना और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।

इन सुविधाओं पर मिलेगा अनुदान:

फार्म गेट पैक हाउस: खेत पर ही फसल की छंटाई और पैकिंग के लिए। इंटीग्रेटेड पैक हाउस: आधुनिक सुविधाओं से लैस बड़ा पैकिंग केंद्र। कलेक्शन और एग्रीगेशन सेंटर: उपज को इकट्ठा करने और वितरण के लिए केंद्र। प्री-कूलिंग यूनिट: फसल की शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के लिए उसे तुरंत ठंडा करने की सुविधा। कोल्ड स्टोरेज इकाइयां: लंबे समय तक फसल सुरक्षित रखने के लिए। फसलोत्तर प्रबंधन क्यों जरूरी?

अक्सर, भंडारण और उचित रख-रखाव के अभाव में बागवानी फसलें मंडी तक पहुँचने से पहले ही खराब हो जाती हैं। फसलोत्तर प्रबंधन के माध्यम से किसान न केवल अपनी फसल की गुणवत्ता बनाए रख सकते हैं, बल्कि ऑफ-सीजन में भी ऊंचे दामों पर फसल बेचकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया:

योजना से संबंधित पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अनुदान की प्रतिशत राशि की जानकारी के लिए किसान विकासखंड स्तर पर उद्यानिकी विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, विभागीय पोर्टल से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

महत्वपूर्ण निर्देश:

योजना का लाभ 'पहले आओ-पहले पाओ' की तर्ज पर या विभागीय लक्ष्यों के अनुसार दिया जाएगा। इच्छुक किसान जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

यह पहल सागर के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें अपनी उपज के सही मूल्य दिलाने में सहायता करेगी।

Share: Twitter
Reactions
Comments (0)
× Full-size image