मध्य प्रदेश के बुनकरों के लिए सुनहरा अवसर: 'कबीर बुनकर प्रोत्साहन पुरस्कार' के लिए आवेदन आमंत्रित केसली (सागर) - समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक बुनाई कला को जीवित रखने वाले बुनकरों के लिए एक विशेष अवसर आया है। राज्य सरकार के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रतिष्ठित 'कबीर बुनकर प्रोत्साहन पुरस्कार' हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पुरस्कार उन बुनकरों को सम्मानित करने का उद्देश्य रखता है जो अपनी मेहनत और कौशल से उत्कृष्ट हस्त निर्मित वस्त्रों का सृजन कर रहे हैं।
पुरस्कार का उद्देश्य 'कबीर बुनकर पुरस्कार' केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि यह बुनकरों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण और उनकी कला को वैश्विक पहचान दिलाने का एक माध्यम है। विभाग का मानना है कि इस प्रकार के प्रोत्साहन से नई पीढ़ी भी इस पारंपरिक व्यवसाय की ओर आकर्षित होगी।
आवेदन के लिए मुख्य बिंदु पात्रता: आवेदक को मध्य प्रदेश का मूल निवासी और पंजीकृत हाथकरघा बुनकर होना चाहिए। चयन का आधार: बुनकर द्वारा तैयार किए गए वस्त्र की बुनावट, डिजाइन, रंगों का चयन और मौलिकता को ध्यान में रखा जाएगा। आवश्यक दस्तावेज: पहचान पत्र, बुनकर कार्ड, और निर्मित वस्त्र का विवरण आवश्यक है। सागर जिले में उत्साह का माहौल सागर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाथकरघा का काम होता है। स्थानीय प्रशासन और विभाग ने बुनकरों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करें ताकि उनकी कला को राज्य स्तर पर मंच मिल सके।
विभागीय संदेश: "हमारी कोशिश है कि हर उस हाथ को सम्मान मिले जो धागों से जादुई वस्त्र बुनता है। कबीर पुरस्कार बुनकरों की उसी निष्ठा का प्रतीक है।"

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