पंजतनिया स्कूल में आरटीई में नहीं दे रहे बच्चों को प्रवेश, परेशान हो रहे अभिभावक- डीपीसी ने कहा- उक्त स्कूल में आरटीई सीट आवंटित हुई हैं, प्रवेश नहीं दिया तो करेंगे कार्रवाई

बड़वानी -बड़वानी स्थित एक समुदाय विशेष की निजी स्कूल में शिक्षा के अधिकार अधिनियम आरटीई में आवंटित सीट के बावजूद बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। इस मामले को लेकर अभिभावक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और संबंधित स्कूल में पहुंचे। वहीं पंजतनिया हायर सेकंडरी स्कूल द्वारा माइनॉरिटी प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया और कोर्ट याचिका का हवाला दिया जा रहा हैं। वहीं डीपीसी का कहना हैं कि उक्त स्कूल में आरटीई में सीट आवंटित हुई, तो प्रवेश देना ही पड़ेगा। अन्यथा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगा।
फैजल मंसूरी के बच्चें सहित छह बच्चों को फिलहाल प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में याचिका दायर की है। जिसके कारण हमारे बच्चों को प्रवेश देने से मना करते हुए अन्य स्कूल में प्रवेश लेने को कहा जा रहा हैं। जबकि आरटीई में प्रथम चरण में आवंटित सीटों पर 15 अप्रैल तक प्रवेश होना हैं। अभिभावक मंसूरी के अनुसार उन्होंने गत मार्च में आवेदन किया था और पिछले 10-12 दिनों से स्कूल के
चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें कोई लिखित आश्वासन भी नहीं दिया जा रहा है। सभी बच्चे नर्सरी कक्षा के लिए चयनित हुए हैं। वहीं उक्त मामले को लेकर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य कौशर मंडवाड़ा का कहना हैं कि पंजतनिया स्कूल एक सामाजिक संस्था है, जहां विशेष समाज के बच्चे पढ़ते हैं। इसलिए इसे अल्पसंख्यक
(माइनॉरिटी) संस्थान का दर्जा देने की मांग की जा रही है। जनवरी माह में इसका आवेदन किया था, फरवरी में प्रक्रिया होना थी, लेकिन स्थानीय जिला अधिकारियों की रिपोर्ट में देरी से प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई और तारीख आगे बढ़ गई। वहीं इस बीच उन्होंने कोर्ट से स्टे के लिए भी आवेदन किया हैं, जो 15 अप्रैल तक हो जाएगा। इसलिए उक्त बच्चों को यहां के बजाय अन्य स्कूल में प्रवेश के लिए कह रहे है।

*नोटिस जारी किया हैं, प्रवेश नहीं दिया तो कार्रवाई करेंगे*

डीपीसी अशरफ खान ने बताया कि पंजतनिया स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया हुई है। सीटें आवंटित की गई है। स्कूल द्वारा अब तक विभाग को अल्पसंख्यक मंत्रालय का कोई प्रमाण पत्र पेश नहीं किया है। इसलिए इस सत्र में आरटीई में प्रवेश देना पड़ेगा। इस संबंध में गत दिनों नोटिस जारी किया हैं और मौखिक रुप से भी कहा है। निर्धारित अवधि तक प्रवेश नहीं दिए जाने की स्थिति में आरटीई अधिनियम अंतर्गत स्कूल के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।