आलोट। मध्यप्रदेश पटवारी संघ की लंबित मांगों और पटवारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक बार फिर आंदोलन के संकेत दिखाई देने लगे हैं। पटवारी संघ शाखा आलोट ने 1 सितंबर 2026 को कलेक्टर रतलाम के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग की है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पटवारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की गई तो प्रदेशभर के पटवारी पुनः चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

ज्ञापन में मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के 26 अगस्त 2026 के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि पूर्व में प्रदेश स्तरीय बैठक में कैडर रिव्यू कमेटी के गठन, पदाधिकारियों के अनुचित स्थानांतरण निरस्त करने, हड़ताल अवधि को कार्यदिवस मानने सहित अन्य समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद अभी तक समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं होने से पटवारियों में निराशा और आक्रोश है।

फार्मर आईडी और गिरदावरी को लेकर भी उठाए सवाल
संघ ने फार्मर आईडी तकनीकी समस्या का मुद्दा भी उठाया है। ज्ञापन में कहा गया है कि गलत खसरे हटाने और सॉफ्टवेयर संबंधी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते पटवारियों को मैदानी स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, खरीफ फसल गिरदावरी का कार्य स्थानीय युवाओं के माध्यम से कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है। संघ का कहना है कि प्रदेश के कई गांवों में स्थानीय युवाओं द्वारा फसल गिरदावरी नहीं किए जाने की स्थिति सामने आ रही है। ऐसे में गिरदावरी व्यवस्था और उसकी जिम्मेदारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की गई है।

दंडात्मक कार्रवाई हुई तो फिर आंदोलन की चेतावनी
पटवारी संघ ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में यदि तहसीलों में पटवारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की जाती है तो जिले के समस्त पटवारियों द्वारा प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। संघ ने मांगों का निराकरण करते हुए पटवारियों को राहत देने की मांग कलेक्टर से की है।

अब देखना यह होगा कि शासन और प्रशासन पटवारी संघ की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है और लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान बातचीत से निकलता है या मामला एक बार फिर आंदोलन की ओर बढ़ता है।