गंजबासौदा मैं पिछले एक महीने में नशे से तीन युवाओं की मौत से जन आंदोलन फूट पड़ा।
रेलवे स्टेशन से सिरोंज चौराहा तक 4 किलोमीटर तक संतो के नेतृत्व मे हजारों लोग नशे के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।
रैली के रूप मै जनसैलाब रेलवे स्टेशन स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होकर सुभाष चौक, नेहरू चौक, अंबेडकर चौक, हनुमान चौक, सावरकर चौक, जवाहर रोड होते हुए वाराही पैलेस पहुंचा।
सबसे आगे नौलखा खालसा के श्रीमहंत राम मनोहर दास जी, गंज हनुमान मंदिर के महंत महेश्वरदास जी त्यागी, मूडरीधाम के महंत परशुराम दास जी, वेदांत आश्रम के हरिहरदास जी सहित कई संत थे। उनके पीछे बटुक, स्कूली बच्चे, महिलाएं, युवा, व्यापारी और सभी दलों के नेता एक साथ चल रहे थे। हाथ में एक ही नारा था - _नशा छोड़ो, जिंदगी चुनो।_
सिर्फ नशे के खिलाफ शहर का आक्रोश था।

पुलिस एक्शन की मांग:
रैली से दो दिन पहले पुलिस ने एक दर्जन से अधिक मादक पदार्थ कारोबारियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में नशीली सामग्री जब्त की थी। शहरवासियों ने इसे आंदोलन का असर बताया।वाराही पैलेस पर संतों ने हजारों लोगों को नशामुक्ति का सामूहिक संकल्प दिलाया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार सुनील श्रीवास्तव को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है - ड्रग्स कारोबार पर तत्काल रोक, विशेष पुलिस दल का गठन, मुख्य तस्करों पर कठोर कार्रवाई, स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी और गंजबासौदा में शासकीय नशामुक्ति केंद्र की स्थापना।