रिंगोल की रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने पहुंचीं कलेक्टर नीतू माथुर
'कलेक्टर नहीं, आपकी बहन बनकर आई हूं' कहकर जीता ग्रामीणों का विश्वास, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
रिपोर्टर : मुस्तकीम मुगल आलीराजपुर |
आलीराजपुर विकासखंड के भाबरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रिंगोल में आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। चौपाल में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती संघमित्रा गौतम, एसडीएम सुश्री निधि मिश्रा, सुश्री दीपिका पाटीदार, डिप्टी कलेक्टर सुश्री निर्मला कलमे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
जिला मुख्यालय से रिंगोल तक सभी अधिकारियों ने डीजल की बचत एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से पूल वाहन से यात्रा की। ग्राम पंचायत पहुंचने पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ का सरपंच, सचिव और अधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया।
चौपाल की शुरुआत में कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने ग्रामीणों से कहा, "मैं यहां कलेक्टर नहीं, आपकी बहन बनकर आई हूं। आप अपनी समस्याएं खुलकर बताइए, प्रशासन उनके समाधान के लिए पूरी गंभीरता से काम करेगा।" उनके इस संबोधन से ग्रामीणों में आत्मीयता का माहौल बना।
चौपाल के दौरान खाद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्कूल, आंगनवाड़ी, बिजली, पेयजल, प्रधानमंत्री आवास, जन्म प्रमाण पत्र, नामांतरण, बंटवारा, जॉब कार्ड और अतिक्रमण सहित विभिन्न मुद्दों पर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकरण में समय लगे तो संबंधित आवेदक को इसकी लिखित जानकारी अवश्य दी जाए।
एक ग्रामीण द्वारा स्कूल भवन के जर्जर होने की शिकायत पर कलेक्टर ने जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को तत्काल जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच, समझ और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है।
रात्रि चौपाल में विभिन्न विभागों ने भी अपनी योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विभाग ने संतुलित उर्वरक उपयोग और कम पानी वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी। उद्यानिकी विभाग ने आम के बगीचों में इंटरक्रॉपिंग से अतिरिक्त आय के अवसर बताए। पशुपालन विभाग ने आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने वय वंदना योजना और आयुष्मान कार्ड के लाभों से ग्रामीणों को अवगत कराया। जिला पंचायत ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाली योजनाओं की जानकारी साझा की।
कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने की सलाह दी तथा सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता फैलाते हुए प्रभावित युवक-युवतियों से आपस में विवाह न करने की अपील की।
कार्यक्रम में वय वंदना योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए तथा तीन स्व-सहायता समूहों को सीसीएल के चेक भी प्रदान किए गए। चौपाल के समापन पर कलेक्टर स्वयं बुजुर्गों के बीच पहुंचीं और उनका हालचाल जानकर उनकी समस्याएं सुनीं।
इस अवसर पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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