*दहेज का दर्द भूले, लोक अदालत ने जोड़ा रिश्ता - न्यायवृक्ष लेकर घर लौटा दंपति* *टीकमगढ़।* राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बिखरते परिवार को फिर से जोड़ दिया। दहेज की मांग को लेकर अलग रह रहे पति-पत्नी राजीनामा के बाद साथ घर लौटे। जिला न्यायाधीश ने उन्हें सुखी वैवाहिक जीवन के प्रतीक के रूप में न्यायवृक्ष भेंट किया। ग्राम नत्थीखेरा, थाना पूराकलां जिला ललितपुर निवासी महिला का विवाह वर्ष 2019 में हुआ था। आरोप था कि विवाह के बाद पति और ससुराल पक्ष ने दो लाख रुपये दहेज की मांग की। मांग पूरी न होने पर प्रताड़ना दी गई। इस बीच महिला ने एक पुत्री को जन्म दिया। विवाद बढ़ने पर दोनों अलग रहने लगे और महिला ने 2026 में न्यायालय में भरण-पोषण का प्रकरण दायर किया। 13 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में खंडपीठ की पीठासीन अधिकारी मीना शाह एवं सदस्य भारती झा ने दोनों पक्षों को समझाइश दी। समझाइश के बाद पति-पत्नी साथ रहने को राजी हो गए और प्रकरण का निराकरण हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीणा व्यास ने दंपति को न्यायवृक्ष भेंट कर पौधे को संतान की तरह पालने और रिश्ते को सींचने का संकल्प दिलाया। परिवार न्यायालय में अन्य वैवाहिक प्रकरणों का भी समझौते से निराकरण किया गया।