मध्य प्रदेश वन विभाग की अनूठी पहल: सीमावर्ती गांवों के युवाओं के लिए रोजगार शिविर

केसली (सागर) - 18 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश शासन के वन विभाग ने वनों की रक्षा के साथ-साथ वनों के समीप रहने वाले ग्रामीणों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण वन मण्डल सागर द्वारा वन परिक्षेत्र केसली में बेरोजगार युवाओं के लिए एक विशाल रोजगार शिविर एवं परामर्श कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफल आयोजन

यह कार्यक्रम वनमण्डल अधिकारी (DFO) दक्षिण सागर वरूण यादव के नेतृत्व में आयोजित हुआ। उनके साथ जयप्रकाश जी (प्रोवेशनर आईएफएस), परिक्षेत्र अधिकारी देवरी और उपवनमण्डल अधिकारी देवरी श्रीमती रेखा पटैल ने भी विशेष योगदान दिया। इस पहल का उद्देश्य वनों के आसपास के समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ना है।

युवाओं ने दिखाया भारी उत्साह

शिविर में केसली ब्लॉक के विभिन्न गांवों के युवाओं ने भारी संख्या में भाग लिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित गांवों के बेरोजगार पुरुष और महिलाओं ने सहभागिता की:

  • केसली, चीलगढ़ डुंगरिया, लकड़याऊ डुंगरिया
  • नाहरमऊ, घानापलोह, झिरिया सेमरा
  • केवलारी, पठाखुर्द, टड़ा, वसा
  • ऊंटकटा, रमगढ़ा, घाना, सरियापानी और पठाकलां

इस आयोजन में कुल 281 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया और विशेषज्ञों के साथ संवाद किया।

प्रतिष्ठित कंपनियों से करियर की राह

रोजगार शिविर में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसरों की जानकारी दी और आवश्यक कौशल विकसित करने के लिए परामर्श भी दिए।

भविष्य के लिए सार्थक सिद्ध होगा आयोजन

वन विभाग की इस पहल को स्थानीय जनमानस द्वारा काफी सराहा जा रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी केसली जी.पी. शाक्य ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार से जोड़ेगा, बल्कि उनमें आत्मविश्वास का भी संचार करेगा।

"वनों के संरक्षण में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका अहम है। जब युवा आत्मनिर्भर होंगे, तो वे पर्यावरण और वन संपदा के प्रति भी अधिक जागरूक बनेंगे। यह रोजगार शिविर इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।"