बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक व्यक्ति द्वारा चीतल को केला खिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।

मामला तब सामने आया जब एक पर्यटक ने मगधी गेट के सामने चीतल को केला खिलाते हुए व्यक्ति का वीडियो बना लिया। यह वीडियो पचपेढ़ी पर्यटन जोन से लौटते हुए बनाया गया था और बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

वीडियो के वायरल होने के बाद, टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। आरोपी की पहचान कर उसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत न्यायालय में पेश किया गया।

प्रबंधन की अपील और चेतावनी

  • पर्यटकों द्वारा वन्यजीवों को किसी भी प्रकार का भोजन देना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
  • जानवरों को बाहरी खाद्य पदार्थ देना उनकी प्राकृतिक जीवनशैली और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • सफारी के दौरान सभी पर्यटकों को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति वन्यजीवों को भोजन खिलाते या पार्क के नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनता से वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की गई है।