दिल्ली से तिजारा: श्रमणाचार्य विमर्शसागर जी की पंथ प्रभावना यात्रा का गुरुग्राम आगमन
गुरुग्राम/तिजारा | संवाददाता: मुकेश कुमार जैन
जिनागम पंथ प्रभावना यात्रा के अंतर्गत परम पूज्य भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज का मंगल विहार निरंतर प्रगति पर है। 8 जुलाई 2026 को गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-2 में गुरुदेव का रात्रि विश्राम संपन्न हुआ।
9 जुलाई 2026 को प्रातःकालीन आहार चर्या गुरुग्राम के जैकबपुरा क्षेत्र में आयोजित होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव के दर्शन एवं धर्मलाभ का अवसर प्राप्त करेंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में धर्म, संयम और जिनागम के प्रति विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
तिजारा में भव्य चातुर्मास आयोजन
राजस्थान के पवित्र स्थली तिजारा में पहली बार परम पूज्य समाधि सम्राट चक्रवर्ती सूरिगच्छाचार्य श्री 108 विरागसागर जी महामुनिराज के परम शिष्य, "जीवन है पानी की बूँद" महाकाव्य के मूल रचयिता एवं "अप्पोदया" प्राकृत टीकाकार, जिनागम पंथ प्रवर्तक श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज का 31वाँ तिजारा चातुर्मास 2026 आयोजित होने जा रहा है।
विशेष आयोजनों का विवरण
- भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा: 19 जुलाई 2026, रविवार को प्रातः 7:00 बजे
- गुरु पूर्णिमा एवं चातुर्मास कलश स्थापना: 29 जुलाई 2026, गुरुवार को प्रातः 10:00 बजे
आयोजक प्रबंधकारिणी समिति, श्री चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, देहरा तिजारा एवं सकल दिगम्बर जैन समाज, तिजारा (जिला अलवर, राजस्थान) ने देशभर के श्रद्धालुओं से इन धर्ममय आयोजनों में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आत्मीय आग्रह किया है।
🚩 अनादि अनिधन – जिनागम पंथ जयवंत हो। 🚩
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