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भक्ति का महासंगम: टड़ा से बरमान तक 101 मीटर लंबी चुनरी यात्रा, करीब 100 किमी पैदल चलकर मां नर्मदा को अर्पित होगी चुनरी

तीन दिवसीय भव्य आयोजन: केसली में खीर के प्रसाद और आरती के साथ हुआ जोरदार स्वागत

January 29, 2026 06:26 PM 1 min read 56 views
भक्ति का महासंगम: टड़ा से बरमान तक 101 मीटर लंबी चुनरी यात्रा, करीब 100 किमी पैदल चलकर मां नर्मदा को अर्पित होगी चुनरी
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चुनरी यात्रा: श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्वितीय संगम केसली (सागर): इन दिनों केसली क्षेत्र की सड़कों पर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिल रहा है। केसली तहसील के ग्राम टड़ा से शुरू हुई भव्य चुनरी यात्रा अब मां नर्मदा के पवित्र तट, बरमान घाट की ओर तेजी से अग्रसर है। इस 100 किलोमीटर लंबी यात्रा का प्रमुख आकर्षण 101 मीटर लंबी चुनरी है, जिसे श्रद्धालु अत्यधिक उत्साह के साथ हाथों में थामे हुए हैं।

तीन दिनों में पूरा होगा 100 किमी का सफर आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा पूरी तरह से भक्ति भाव को समर्पित है। टड़ा से प्रस्थान करने के बाद यात्रा विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए लगभग 3 दिन में बरमान घाट पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्य लोक कल्याण और मां नर्मदा के प्रति अटूट श्रद्धा प्रकट करना है। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा इस पैदल यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं।

केसली में भव्य स्वागत और खीर का प्रसाद यात्रा जैसे ही माता वनदेवी मंदिर से होते हुए केसली पहुंची, वहां का माहौल भक्तिमय हो गया। स्थानीय श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारकर चुनरी यात्रा का स्वागत किया।

विशेष स्वागत: MPEB कार्यालय के पास स्थित शिव-पार्वती मंदिर पर विशेष आयोजन किया गया। प्रसाद वितरण: केसली के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं द्वारा यात्रा में शामिल भक्तों के लिए खीर के प्रसाद की व्यवस्था की गई। केसली में विश्राम और स्वागत के बाद यह विशाल यात्रा सहजपुर की ओर प्रस्थान कर गई।

जगह-जगह उमड़ रही भीड़ 101 मीटर लंबी चुनरी को देखने और उसे स्पर्श कर पुण्य लाभ कमाने के लिए मार्ग में पड़ने वाले गांवों के ग्रामीण भी सड़कों पर उत्साहपूर्वक उतर आए हैं। डीजे की धुन पर बजते भजनों और "नर्मदे हर" के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान है। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर आयोजक मंडल पूरी तरह मुस्तैद है।

यह यात्रा लोक आस्था और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत कर रही है, जो आने वाले वर्षों में भी श्रद्धालुओं को प्रेरित करती रहेगी।

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