"सिख" आस्था नगरी मुलताई का राजपत्र में प्रकाशन की मांग,मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम कों सौंपा ज्ञापन।
मुलताई। पवित्र नगरी मुलताई कों सिख आस्था नगरी घोषित किया जा चूका है,लेकिन उसका मध्यप्रदेश शासन नें राजपत्र में अभी तक इसका प्रकाशन नहीं किया गया है।
जिसके चलते अधिवक्ता हरप्रीत कौर खुराना द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजीव कहार कों एक ज्ञापन सौंपा गया।
जिसमे मांग की गई है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा घोषित "सिख आस्था नगरी मुलताई" का राजपत्र में प्रकाशन कर धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर इससे सम्बन्धित आवश्यक सुविधाओं को यथाशीघ्र प्रदान किया जाएं।
वही निम्न बिन्दुओ पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षण कराया गया है।
1. गुरु नानक साहिब जी के प्रकाश उत्सव दिनांक 24 नवम्बर 2007 के अवसर पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल के हमीदीया रोड स्थित नानकसर गुरूद्वारा साहिब पहुँचे थे और उन्होने गुरु नानक साहिब जी एवं गुरू गोबिन्द सिंह साहिब जी द्वारा प्रदेश में की गई यात्रा स्थलो को "सिख आस्था नगरी" घोषित किया था परन्तू इसका राजपत्र में प्रकाशन नही किया गया। अतः उक्त घोषणा का राजपत्र में प्रकाशन किया जावे।
2. गुरू नानक साहिब जी ने ताप्ती नदी के किनारे 14 दिन विश्राम किया था। जिला बैतूल की मुलताई तहसील स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब सिख आस्था नगरी घोषित किया गया था। इसे धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जावे।
3. सिख आस्था नगरी मुलताई की घोषणा को अमली जामा पहनाया जाये ताकि घोषणा मात्र घोषणा ही बनकर ना रह जाये। मुलताई वासियो कि आस्था के केन्द्र में इस घोषणा का कार्यान्वयन कर विकास एवं सुविधाओं का विस्तार किया जावे।

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