डबरा। कृषि उपज मण्डी में ट्रक एसोसिएशन ने अपने हक और अस्तित्व की लड़ाई को लेकर जोरदार हड़ताल छेड़ दी है। मण्डी में अब हालात टकराव की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। ट्रक ऑपरेटरों का सीधा आरोप है कि कुछ व्यापारी बाहरी ट्रकों से माल ढुलाई कराकर स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का काम छीन रहे हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
हड़ताल पर बैठे ट्रक एसोसिएशन के सदस्यों ने दो टूक कहा—“यह सिर्फ ट्रकों की लड़ाई नहीं, हमारे घरों के चूल्हे की लड़ाई है।” उनका कहना है कि वर्षों से मण्डी में स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता मिलती रही है, लेकिन अब योजनाबद्ध तरीके से बाहरी ट्रकों को बढ़ावा देकर उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
एसोसिएशन ने व्यापारियों पर “मण्डी में एकछत्र वर्चस्व” कायम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह न केवल गलत है, बल्कि स्थानीय रोजगार के साथ खुला अन्याय भी है। ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में कई ट्रक मालिक कर्ज और बेरोजगारी के बोझ तले दब जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए साफ किया है कि जब तक मण्डी में बाहरी ट्रकों से माल ढुलाई पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मण्डी में हड़ताल के चलते माल परिवहन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे व्यवस्था चरमराने लगी है। अब नजर प्रशासन पर टिकी है कि वह स्थानीय ट्रक ऑपरेटरों के हक में कब और क्या कदम उठाता है।

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