मध्य प्रदेश के सागर जिले में मौसम का बदलता मिजाज: किसानों की बढ़ती चिंता

केसली (सागर) - मध्य प्रदेश के सागर जिले और विशेष रूप से केसली क्षेत्र में मौसम में आए अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। फरवरी के अंत में ही ठंड के खत्म होते ही बढ़ते तापमान ने रबी की फसलों, खासकर गेहूं पर संकट ला खड़ा किया है। शुक्रवार को तेज धूप के बीच बादलों की हल्की आवाजाही ने थोड़ी राहत दी, लेकिन गर्मी का प्रकोप बरकरार है।

सामान्य से ऊपर पहुंचा तापमान

  • अधिकतम तापमान: 32.6°C (सामान्य से 2°C अधिक)
  • न्यूनतम तापमान: 18.4°C (सामान्य से 2°C अधिक)
  • हवा की गति: 8 किमी प्रति घंटा
  • आर्द्रता: शाम तक घटकर 33% रह गई, जिससे हवा में शुष्कता बढ़ गई है।

सागर जिला वर्तमान में प्रदेश के सबसे गर्म न्यूनतम तापमान वाले शहरों में तीसरे नंबर पर है, जो जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है।

गेहूं की फसल पर मंडराता संकट

इस समय गेहूं की फसल 'दुग्धावस्था' में है, जहां बालियों में दानों का भराव हो रहा है। इस प्रक्रिया के लिए हल्की ठंडक जरूरी होती है, लेकिन ठंड के अभाव में दानों के पतले रहने या सूखने का डर है।

किसानों की रणनीति:

  • टॉनिक का उपयोग: दानों को पुष्ट बनाने और बालियों में बेहतर भराव के लिए किसान खेतों में टॉनिक और विशेष पोषक तत्वों का छिड़काव कर रहे हैं।
  • सिंचाई प्रबंधन: कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करने के लिए किसान हल्की सिंचाई जारी रखें ताकि खेत में नमी बनी रहे।

कटाई और थ्रेसिंग का काउंटडाउन शुरू

जहां एक ओर गेहूं की चिंता है, वहीं दूसरी ओर चना और मसूर की फसलें पककर तैयार हो गई हैं।

  • केसली के कई क्षेत्रों में चना और मसूर की कटाई शुरू हो चुकी है।
  • किसानों का अनुमान है कि मार्च के दूसरे सप्ताह से गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम भी पूरे जोर-शोर से शुरू हो जाएगा।

क्या बारिश देगी राहत? मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक 'ट्रफ' लाइन सक्रिय है, जो सागर जिले के लिए प्रभावी हो सकती है।

  • संभावना: स्थानीय स्तर पर आंशिक बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।
  • असर: यदि बूंदाबांदी होती है, तो पारे में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे फसलों को मामूली राहत मिल सकती है। हालांकि, तेज धूप का सिलसिला आगामी दिनों में और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञ की सलाह: दोपहर की तीखी धूप से बचने के लिए किसान भाई सुबह या शाम के वक्त ही खेतों में काम करें और फसलों में नमी का विशेष ध्यान रखें।