गौरझामर में बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें संकट में, उठी मुआवजे की मांग

गौरझामर (सागर): मध्य प्रदेश के सागर जिले के गौरझामर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में अचानक मौसम की मार से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार को आई बेमौसम बारिश ने फसल कटाई के समय किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है। रबी की फसलें कटाई और थ्रेसिंग के दौर में हैं, ऐसे में यह प्राकृतिक आपदा किसानों के लिए बड़ा संकट बन गई है।

खेत-खलिहानों में जलमग्न फसलें

इस बेमौसम बारिश ने उन किसानों की परेशानी बढ़ा दी है जिनकी फसलें पहले ही कट चुकी थीं और खुले आसमान के नीचे सुखाने के लिए रखी गई थीं। गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी फसलें बारिश में भीग गई हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

गुणवत्ता और दाम घटने का डर

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण अनाज में नमी बढ़ जाती है, जिससे निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं:

  • सड़न और फफूंद: नमी के कारण अनाज में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  • रंग फीका पड़ना: भीगने से अनाज की चमक कम हो जाती है, जिससे व्यापारियों द्वारा कम दाम दिए जाते हैं।
  • उत्पादन में गिरावट: कटी फसल भीगने से दानों के झड़ने और खराब होने का खतरा रहता है।

किसानों की मांग: सर्वे और मुआवजा

किसान स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग से मांग कर रहे हैं कि:

  • पटवारियों और कृषि अधिकारियों द्वारा नुकसान का सटीक सर्वे किया जाए।
  • फसल बीमा योजना और सरकारी राहत कोष से उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
  • आने वाले दिनों के लिए सटीक मौसम पूर्वानुमान जारी किया जाए।

फिलहाल, किसान उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश थमे ताकि वे अपनी बची-खुची उपज को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा सकें।

विशेषज्ञों की सलाह: जिनकी फसल भीग गई है, उन्हें मौसम खुलते ही अनाज को तिरपाल पर फैलाकर अच्छी तरह सुखाने की सलाह दी जाती है, ताकि फफूंद लगने से बचा जा सके।