देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों की घोषणा की। बैंक ने रिकॉर्ड-तोड़ मुनाफा दर्ज किया और अपनी एसेट क्वालिटी में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया।
प्रमुख वृद्धि (Key Growth)
बैंक का शुद्ध मुनाफा 24.5% बढ़कर ₹21,028 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹16,891 करोड़ था। यह वृद्धि बैंक के मजबूत परिचालन प्रदर्शन को दर्शाती है।
शुद्ध मुनाफा तुलना (Q3)
स्रोत: एसबीआई वित्तीय परिणाम (राशि ₹ करोड़ में)
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में उछाल
तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। NII साल-दर-साल 9% बढ़कर ₹45,190 करोड़ हो गई। यह दर्शाता है कि लेंडिंग इनकम (ऋण से आय) में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो बैंक के कोर बिज़नेस की मजबूती का प्रमाण है।
| मीट्रिक | Q3 FY25 (₹ करोड़) | Q3 FY26 (₹ करोड़) | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) | 41,445 | 45,190 | +9% |
डेटा: नेट इंटरेस्ट इनकम का प्रदर्शन
एसेट क्वालिटी में महत्वपूर्ण सुधार
SBI की एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार देखा गया है, जो इसकी बैलेंस शीट की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रॉस NPA रेशियो में कमी
सकल गैर-निष्पादित संपत्ति अनुपात में तिमाही आधार पर सुधार (प्रतिशत में)
ग्रॉस NPA रेशियो 1.73% से सुधरकर 1.57% पर आ गया। वहीं, नेट NPA रेशियो 0.42% से घटकर 0.39% हो गया।
प्रोविजन्स में कटौती
बैंक की प्रोविजन्स भी ₹4,506 करोड़ रहीं, जो पिछली तिमाही के ₹5,400 करोड़ के मुकाबले काफी कम हैं। प्रोविजन्स में कमी आना सीधे तौर पर क्रेडिट लागत में कमी और बैलेंस शीट की मजबूती का संकेत देता है।
- पिछली तिमाही प्रोविजन्स₹5,400 करोड़
- वर्तमान तिमाही प्रोविजन्स₹4,506 करोड़
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