शहर के कैंट इलाके में बिहार के मजदूर की हत्या के आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बिहार चुनाव की चर्चा के दौरान विवाद में दो मामा ने मिलकर भांजे की हत्या कर दी थी। कोर्ट ने महज पांच महीनों में ट्रायल पूरा कर लिया। मामले में DNA रिपोर्ट अहम सबूत साबित हुई। बता दें कि मामला पिछले वर्ष नवंबर महीने का है। बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले राजेश मांझी(25) पुत्र सुखदेव मल, तूफानी(27) पुत्र कैलाश मांझी और शंकर(22) पुत्र लल्लन मांझी बिहार से गुना में मजदूरी करने आए थे। शंकर बाकी दोनों का भांजा लगता है। सभी लोग दो तीन दिन के अंदर ही बिहार से यहां मजदूरी करने आए थे। यहां पुलिस लाइन में बन रहे नए क्वार्टर्स में मजदूरी कर रहे थे। 16 नवंबर की रात रात सभी लोगों ने साथ में खाना बनाया और शराब पी। इसी दौरान किसी बात को लेकर आपस में झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ गया कि शंकर के साथ मारपीट की गई और दोनों ने मिलकर उसका मुंह कीचड़ में डूबो दिया। इससे उसके मुंह में पानी और कीचड़ भर गया और दम घुट गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने शंकर को मृत घोषित कर दिया था। चुनावी चर्चा में हुआ था विवाद तीनों में से राजेश और तूफानी दोनों JDU के समर्थक हैं। वहीं शंकर RJD का समर्थक था। घटना से कुछ महीनों पहले आए बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर उनके बीच बहस शुरू हुई थी। तभी राजेश और तूफानी ने तेजस्वी के बारे में कुछ बोल दिया। इसी बात पर शंकर से उनकी बहस ज्यादा हो गई और मारपीट होने लगी। विवाद में दोनों ने मिलकर शंकर के साथ ज्यादा मारपीट कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। कैंट पुलिस ने FIR दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद कोर्ट में चालान पेश किया था। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिकतर गवाह अपने बयानों से पलट गए। एक गवाह ने जरूर दोनों आरोपियों की पहचान कोर्ट में भी की। DNA साक्ष्य बना अहम इस मामले में DNA साक्ष्य अहम सबूत बना। आरोपियों के नाखून में मृतक के गले की चमड़ी मिली। मृतक को कीचड़ में डूबोने के दौरान यह उनके नाखूनों में लग गई थी। कैंट पुलिस ने इसी को DNA के लिए भेजा था। लैब से आई रिपोर्ट में DNA पॉजिटिव पाया गया। कोर्ट में यही रिपोर्ट अहम साबित हुई। पांच महीने में ट्रायल पूरा इस मामले में कोर्ट ने पांच महीने में ही ट्रायल पूरा कर लिया। 40 दिन में कैंट पुलिस ने विवेचना कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया। 24 जनवरी से मामले में कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की कोर्ट में ट्रायल हुआ। 18 अप्रैल शनिवार को ट्रायल पूरा कर कोर्ट ने मामले में सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों आरोपी तूफानी मांझी और राजेश मांझी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।