दमोह में प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों पर हमला, तीन गिरफ्तार

दमोह के कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुधवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को तोड़कर अंदर घुसे प्रदर्शनकारियों ने मीडियाकर्मियों पर हमला कर दिया। इस घटना में तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस और एससीएसटी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का विवरण

  • प्रदर्शन के दौरान महेंद्र लोधी, पुष्पेंद्र लोधी और अन्य ने मीडियाकर्मियों के साथ अभद्रता और मारपीट की।
  • एक अनुसूचित जाति के पत्रकार के साथ भी मारपीट की गई, जिसकी शिकायत पर मामला दर्ज हुआ।

सोशल मीडिया पर धमकी

इस घटना के बाद आरोपियों के समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर धमकी भरी पोस्ट की जा रही हैं, जिन पर पुलिस जल्द ही कार्रवाई करेगी। सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ और जातिगत संघर्ष को बढ़ावा देने वाली पोस्ट लिखी जा रही हैं।

पृष्ठभूमि

महेंद्र लोधी, जो पन्ना जिले के सिमरिया थाना के टपरिया के निवासी थे, ने 5 फरवरी को आत्महत्या कर ली थी। उनकी आत्महत्या के पीछे जून महीने में एक नर्स के साथ हुए विवाद को कारण बताया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर को कई मांगे बताई गईं, जिन पर कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने मीडियाकर्मियों से विवाद किया और हिंसक रूप से मारपीट की।

आगे की कार्रवाई

कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि साइबर सेल की मदद से सोशल मीडिया पर धमकी देने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के आगमन से पहले इस प्रकार की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

इस घटना ने मीडिया सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।