वन विभाग चौकी के पास अवैध लकड़ी की कटाई पर हमला, वनकर्मियों की जान पर बन आई
मुंगावली: सोमवार को मुंगावली के ग्राम किरौला के जंगलों में वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला हुआ। इसमें डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम और वन रक्षक पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना स्थल पर वनकर्मी अपनी जान बचाते हुए भागने को मजबूर हुए।
यह घटना उस समय घटी जब वन विभाग को सूचना मिली कि बैलगाड़ियों से अवैध रूप से लकड़ी की कटाई की जा रही है। डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तीन बैलगाड़ियाँ जप्त कर लीं। इससे नाराज लकड़ी माफिया ने अतिरिक्त साथियों को बुलाकर वनकर्मियों पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया।
हमले में घायल:
- डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम के पैर की हड्डी टूट गई और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
- वन रक्षक पटेल को शरीर में 8 से 10 जगहों पर चोटें आई हैं।
घटना के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें हमलावर पत्थरों के साथ दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। एसडीओपी सनम बी खान ने कहा कि उन्होंने वन विभाग के रेंजर को कार्रवाई करने के लिए बुलाया है, परंतु रेंजर आरोपियों की शिनाख्त की बात कर रहे हैं।
वन चौकी के पास अवैध कटाई पर सवाल
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, विशेषकर यह कि कैसे वन चौकी के पास अवैध लकड़ी की कटाई हो रही थी। यह घटना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है और इसकी जांच की जानी चाहिए।
रेंजर की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में रेंजर ऋषि प्रजापति की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। घटना दोपहर 2 बजे की है, लेकिन शाम तक भी उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर रेंजर ने इतनी गंभीर स्थिति में संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई।
इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और वनकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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