डबरा ब्रेकिंग
डबर शहर के पिछोर तिराहा क्षेत्र में हुई ताजा गोलीबारी की घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों के बीच हुए विवाद में खुलेआम फायरिंग होना इस बात का संकेत है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है।
इस घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें अरबाज उर्फ कल्लू मिर्जा की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे ग्वालियर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना हिचकी होटल के पीछे की कॉलोनी में हुई, जहां दिनदहाड़े गोली चलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
प्रशासन पूरी तरह विफल?
लगातार सामने आ रही गोलीबारी और आपराधिक घटनाएं यह दर्शाती हैं कि डबरा सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस की पकड़ कमजोर पड़ती जा रही है। सवाल यह है कि आखिर गश्त, खुफिया तंत्र और अपराध नियंत्रण की व्यवस्थाएं कहां फेल हो रही हैं?
न पुलिस का खौफ, न कानून का डर
घटनास्थल से कारतूस मिलना इस बात का प्रमाण है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। इसके बावजूद वे आराम से फरार हो गए। यह स्थिति बताती है कि अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की प्रतिक्रिया समय और रणनीति दोनों पर सवाल उठते हैं।
जनता में भय और आक्रोश
लगातार हो रही वारदातों से स्थानीय लोग दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द सख्त कदम नहीं उठाए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। आमजन अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
जवाबदेही तय होनी चाहिए
ऐसी घटनाओं के बाद केवल जांच और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और क्षेत्र में सख्त कार्रवाई कर अपराधियों पर लगाम लगाई जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या प्रशासन इस बार जागेगा, या डबरा में यूं ही गोलियां चलती रहेंगी?

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