किसानों की मेहनत पर डाका डाला गया गल्ला व्यापारी पुलिस के हाथ चढ़े, पीड़ित किसानों की नजर में फंसे राहत के मामले, पुलिस कर रही मामले में पूछताछ
सीहोर-अहमदपुर
(बसीमुद्दीन)
महीनों से अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटक रहे किसानों को आखिरकार राहत की खबर मिली है। किसानों से करोड़ों रुपये की उपज खरीदकर बिना भुगतान किए अनाज का गल्ला व्यवसाय अब पुलिस की दुकान में है। यूक्रेन के अपराधियों के बाद पीड़ित किसानों की हत्या की उम्मीद की किरण दिखाई दी।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र के कई किसानों ने अपनी सालभर की मेहनत से व्यावसायिक व्यवसाय तैयार किया था। किसानों को भरोसा था कि उपज का पैसा ही मिलेगा, वे अपने परिवार की जरूरतें पूरी करेंगे, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे और आगामी खेती की तैयारी करेंगे। लेकिन पुरावशेष का पासपोर्ट प्लास्टिक चोरी हो गया।
व्यापार ख़त्म होने के बाद किसानों की परेशानी बढ़ गयी। किसी के घर में बेटी की शादी थी, तो अगली फसल के लिए बीज और भोजन की व्यवस्था के लिए कोई कर्ज नहीं चुकाया गया था। मेहनत की कमाई से कई परिवार आर्थिक संकट में घिर गए।
पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने लगातार तलाश शुरू की। आख़िरकार पुलिस ने मल्टीमीडिया गैला स्टाल को सीट में सफलता हासिल कर ली। किसानों में खुशी की दौड़। दूसरे मामले को लेकर अहमदपुर पुलिस गल्ला ब्यापारियों के बच्चों से पूछताछ कर रही है।
एक किसान ने कहा, "हमारे पूरे साल की कड़ी मेहनत टूट गई थी। रातों की नींद उड़ गई थी। अब उम्मीद है जगी से कि हमारा पैसा वापस आएगा।"
पुलिस के मामले की नवीनतम जांच जारी है और किसानों के साथ हुई बातचीत की पूरी जानकारी जारी है। अन्य का मानना है कि किसानों का कानून विश्वसनीय और मजबूत हुआ है।
साल भर में किसानों वाले किसानों की मेहनत की कमाई वापस आने की उम्मीद है कि अब फिर से जागेंगे। पुलिस इस कार्रवाई में पीड़ित किसानों को बड़ी राहत और न्याय की दिशा में अहम कदम उठा रही है। अहमदपुर पुलिस को मिली ये कामयाबी इलाके में अहमदपुर पुलिस की दबंगई की तारीफ हो रही है, पीड़ित किसान ने चौका दिया और पुलिस की वाहवाही लूटती नजर आ रही है

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