लापरवाही की हद! पासपोर्ट केंद्र को उड़ाने की धमकी, 13 दिनों तक दबा रही सूचना
गुना: शहर के कर्नलगंज स्थित मुख्य डाकघर और नवनिर्मित पासपोर्ट सेवा केंद्र को आरडीएक्स बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल के बाद हड़कंप मच गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डाकघर प्रबंधन ने इस धमकी को हल्के में लेते हुए 13 दिनों तक पुलिस को कोई सूचना नहीं दी।
धमकी भरा ई-मेल 25 मार्च को प्राप्त हुआ था, लेकिन डाकघर के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जब यह खबर पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल तक पहुंची, तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई और कोतवाली पुलिस की एक विशेष टीम जांच के लिए डाकघर पहुंची।
पोस्ट मास्टर की भूमिका संदिग्ध
मुख्य पोस्ट मास्टर एस.एस. साहू की भूमिका इस मामले में संदिग्ध नजर आ रही है। मीडिया और पुलिस द्वारा संपर्क किए जाने पर उन्होंने पहले धमकी भरे मेल से इनकार किया, लेकिन बाद में चुप्पी साध ली। डाकघर प्रबंधन की यह कार्यप्रणाली नई नहीं है; पिछले वर्ष भी एटीएम से 3 लाख रुपये गायब होने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
एसपी ने भेजी टीम, मुख्यालय को दी जानकारी
पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि डाकघर की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई और मामले की जांच जारी है। साइबर सेल मेल के सोर्स का पता लगा रही है।
देशभर के कई शहरों में पासपोर्ट केंद्रों को धमकी भरे मेल भेजे गए हैं, लेकिन गुना में इसे गुप्त रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
दोपहर 12:10 बजे धमाके का दावा
धमकी भरे ई-मेल में पासपोर्ट शाखा को बम से उड़ाने की धमकी के साथ तमिलनाडु की राजनीति और क्षेत्रीय दलों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मेल में 12:10 बजे का समय निर्धारित किया गया था और इसमें नक्सलियों और बाहरी ताकतों की मदद लेने का भी जिक्र है।
इस संवेदनशील मेल को 13 दिनों तक पुलिस से छिपाए रखना डाकघर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस की साइबर सेल इस मेल के आईपी एड्रेस और भेजने वाले के मूल स्थान की सघन जांच कर रही है।

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