राइस मिल के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
त्यौंथर, रीवा: त्यौंथर क्षेत्र के बरेठी गांव में संचालित राइस मिल को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब उभरकर सामने आ गया है। संयुक्त किसान-मजदूर संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) त्यौंथर को ज्ञापन सौंपकर राइस मिल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे।
ज्ञापन के अनुसार, 28 मई 2026 को आई तेज आंधी के दौरान राइस मिल के तीन बड़े लोहे के शेड उड़कर आसपास के मकानों पर गिर गए थे। इस घटना में कई घर क्षतिग्रस्त हुए और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में इस प्रकार की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राइस मिल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका दावा है कि पूर्व में ग्राम पंचायत द्वारा राइस मिल संचालक पर भारी जुर्माना भी लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। मिल संचालन से जुड़े पर्यावरणीय, श्रम एवं सुरक्षा नियमों का भी पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में प्रशासन से राइस मिल के लाइसेंस, उत्पादन रिकॉर्ड, बिजली खपत, प्रदूषण नियंत्रण मानकों तथा श्रमिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मिल के संचालन से आसपास रहने वाले परिवारों की जान-माल पर लगातार खतरा बना हुआ है।
पीड़ित परिवारों के अनुसार, लोहे के भारी शेड घरों पर गिरने से महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। अन्यथा वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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