मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिले की वारासिवनी तहसील स्थित सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 12वीं (गणित संकाय, अंग्रेजी माध्यम) के मेधावी छात्र मयंक मात्रे ने 'इंटरनेशनल स्पेस साइंस कॉम्पिटिशन' (ISSC) 2026 में 'ऑल इंडिया रैंक-1' प्राप्त कर न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे बालाघाट जिले और मध्य प्रदेश का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है। मयंक की यह उपलब्धि अत्यंत गौरवपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 'ग्रैंड विनर' का खिताब अपने नाम कर अपनी बौद्धिक क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचय दिया है। इस ऐतिहासिक सफलता से विद्यालय परिवार, स्थानीय नागरिकों और मयंक के अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

प्रतियोगिता का सफर: कठिन पड़ाव और असाधारण प्रदर्शन

संस्था के प्राचार्य हुमराज पटले ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 'Go4Guru' द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई थी। इस स्पर्धा की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देशभर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के हजारों मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। मयंक की सफलता का सफर चरणों में विभाजित था:

  • प्रथम चरण की सफलता: प्रतियोगिता का पहला चरण 08 अप्रैल 2026 को आयोजित हुआ था। इस चुनौतीपूर्ण चरण में देशभर से केवल 17 छात्रों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया गया था, जिसमें मयंक मात्रे ने 'ऑल इंडिया रैंक-05' हासिल कर अपनी शुरुआती मजबूती दर्ज कराई थी।

  • अंतिम चरण का महामुकाबला: प्रतियोगिता का अंतिम और निर्णायक चरण 15 मई 2026 को एक लाइव ऑनलाइन टेस्ट के माध्यम से संपन्न हुआ। स्क्रीन शेयरिंग आधारित इस अत्यंत कठिन परीक्षा में मयंक ने अपने असाधारण प्रदर्शन से सबको पीछे छोड़ते हुए 'ऑल इंडिया रैंक-1' हासिल कर 'ग्रैंड विनर' का ताज अपने सिर सजाया।

  • विद्यालय के अन्य सितारे: मयंक के अलावा विद्यालय के अन्य छात्रों—प्रियांशु चौधरी, अश्मि बिसेन और उज्जवल बारमाटे—ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 'बेस्ट परफॉर्मर' का खिताब प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धि में चार चांद लगा दिए।

प्रशासनिक सराहना और प्रेरणा का संचार

मयंक की इस विलक्षण प्रतिभा की सराहना करते हुए बालाघाट के कलेक्टर मृणाल मीना ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मयंक की इस सफलता पर जिले के प्रशासनिक और शिक्षा जगत के आला अधिकारियों ने भी गर्व व्यक्त किया है। शुभकामना भेजने वालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • एसडीएम वारासिवनी कार्तिकेय जायसवाल

  • लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के संचालक डॉ. डी.एस. कुशवाह

  • सहायक संचालक डॉ. रंजन शर्मा और सुरेश मिश्रा

  • जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी उपाध्याय

  • पीपुल्स ग्रुप सांदीपनि सेल भोपाल का प्रबंधन

नासा का शैक्षणिक भ्रमण: वैज्ञानिकों से रूबरू होने का सुनहरा अवसर

इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धि 'ग्रैंड विनर' मयंक मात्रे का चयन 'फ्री नासा एजुकेशनल टूर' (यूएसए) के लिए होना है, जो सितंबर 2026 में संभावित है। यह शैक्षणिक भ्रमण मयंक के वैज्ञानिक भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इस यात्रा के दौरान मयंक को निम्नलिखित अनुभवों का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा:

  1. विश्व स्तरीय संस्थानों का भ्रमण: मयंक को अमेरिका स्थित नासा कैनेडी स्पेस सेंटर, ओरलेंडो इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी कैंपस, थीम पार्क और डिज्नी स्प्रिंग्स का दौरा कराया जाएगा।

  2. वैज्ञानिक बारीकियों को समझना: छात्र को नासा के उपग्रह अनुसंधान केंद्र में जाकर उपग्रहों के निर्माण, उनके संचालन, विकास और असेंबलिंग प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अनूठा अवसर मिलेगा।

  3. तकनीकी नवाचार: इस यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों और विश्व स्तरीय तकनीकी प्रक्रियाओं को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

भ्रमण से पूर्व छात्र की आवश्यक पासपोर्ट और वीजा प्रक्रिया को पूर्ण कराने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है ताकि उनकी यह ऐतिहासिक यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो सके। मयंक मात्रे की यह उपलब्धि बालाघाट के उन तमाम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो वैज्ञानिक क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उनकी यह जीत न केवल एक छात्र की मेहनत है, बल्कि सांदीपनि विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और शिक्षकों के मार्गदर्शन का भी परिणाम है।

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