महाविद्यालय में प्रारंभ हुआ 'नारी शक्ति वंदन' पखवाड़ा कार्यक्रम

नगर के शासकीय महाविद्यालय मुलताई में शासन के आदेशानुसार 'नारी शक्ति वंदन' पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. कमलेश सरिया और मुलताई जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नानीबाई डहारे द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. ममता राजपूत ने बताया कि, यह 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम 10 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाना हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य और जनपद पंचायत अध्यक्षा द्वारा अपने उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को अपनी रुचि अनुरूप भविष्य के अवसरों की ओर अग्रसरित रहने और सतत् ऊर्जावान रहने के लिए मार्गदर्शित किया गया। साथ ही प्रत्येक क्षेत्रों में अनवरत बढ़ती महिलाओं की भागीदारी को देखते हुए, राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को अत्यधिक बढ़ावा देने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया गया। डॉ. अनुज डोनिवाल द्वारा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023' के बारे में बताते हुए कहा कि, यह भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु पारित कानून है। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। यह अधिनियम लैंगिक समानता बढ़ाने, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत करने का उद्देश्य रखता है। कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. विनय राठौर एवं डॉ. वर्षा ठाकरे द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले की जन्म जयंती के अवसर परं उनके परिचय और विचारों से विद्यार्थियों को अवगत करते हुए बताया कि, ज्योतिबा फुले 19वीं सदी के महान समाज सुधारक थे। उन्होंने शिक्षा, जाति-विरोध और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। सत्यशोधक समाज की स्थापना कर सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया। वे दलितों और महिलाओं के अधिकारों के प्रबल समर्थक थे तथा भारतीय समाज में परिवर्तन के अग्रदूत माने जाते हैं। यह 'नारी शक्ति वंदन' पखवाड़ा कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में लाना है। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. ममता राजपूत द्वारा किया गया। कार्यक्रम में क्रीड़ा अधिकारी श्री.विजय पहाड़े, रासेयो महिला इकाई कार्यक्रम अधिकारी प्रो. प्रियंका भोपते, डॉ. कल्पना बिसन्दरे, प्रो. पूजा देशमुख, प्रो. अंजलि सौदागर, प्रो. कृष्णा नरवरे, डॉ. रविकांत शुक्ल, महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।