जिला सदैव मां जयवंती का ऋणी रहेगा: केन्द्रीय मंत्री
बैतूल: शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं होता। जेएच कॉलेज में दानदात्री मां जयवंती हक्सर की पुण्यतिथि पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री डीडी उइके, मप्र जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, जनभागीदारी अध्यक्ष घनश्याम मदान एवं प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में अपने-अपने संकाय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कृत विद्यार्थियों में विजय माहोरे, ज्योति सातपुते, साधना बाछड, रश्मि देशमुख, अजय भुसुमकर, प्राची प्रजापति, शिवा बेले, प्राची दोड़ेके शामिल थे। युवा उत्सव के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चयनित माइम एवं अम्मा नाटक का मंचन भी किया गया।
इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री डीडी उइके ने कहा, "जिला सदैव मां जयवंती का ऋणी रहेगा।" मोहन नागर ने उनके योगदान को सराहते हुए कहा कि मां जयवंती ने शिक्षा की ऐसी अलख जगाई है जो आज भी जल रही है।
अनुभवी शिक्षकों और पूर्व प्राचार्य उषा द्विवेदी, डॉ. मालवीय, डॉ. मेहता, डॉ. डेहरिया, डॉ. बीडी खातरकर, डॉ. सुखदेव डोंगरे ने अपने अनुभव साझा किए। घनश्याम मदान ने विद्यार्थियों को और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मीनाक्षी चौबे ने कहा कि मां जयवंती ने जिले में शिक्षा की नींव रखी है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. संतोष पवार ने किया और आभार डॉ. निहारिका भावसार ने व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में डॉ. अनिता सोनी, डॉ. धमेन्द्र, डॉ. बीडी नागले, डॉ. पल्लवी दुबे, डॉ. खुशाल देवधरे, डॉ. बीआर खातरकर, डॉ. चंदेल, डॉ. जीपी साहू, प्रो. शंकर सातनकर, प्रो. देवीसिंह सिसोदिया, डॉ. प्रगति डोंगरे, डॉ. शीतल खरे, डॉ. अर्चना सोनारे, डॉ. सुभाष सातनकर, प्रो. ओपी खत्री, डॉ. भोलू सिंह मर्सकोले, प्रो. गीता माली, डॉ. राकेश पवार सहित समस्त स्टाफ मौजूद था।
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