स्कूल संचालक की लापरवारी बनी बच्चों की जान की दुश्मन।
रहली - सागर कलेक्टर के निर्देश के बाद अनुविभागीय अधिकारी रहली द्वारा संस्था प्रमुखों एवं शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारियों की एक बैठक ली गई जिसमें स्कूलों के संचालको को ये स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अभिभावकों और बच्चों के साथ किसी प्रकार की जोर जबरदस्ती ना हो या ऐसी परिस्थितियों निर्मित न हो, बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनको बेवजह परेशान न किया जाए।
लेकिन आज ही बैठक के तुरंत बाद एक निजी स्कूलों की बस में स्कूल के छोटे छोटे बच्चे बीच चौराहे पर धक्का मारते देखे गए,यह एक बड़ी लापरवाही है, यह एक ऐसी परिस्थिति थी जिसमें बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की घटना हो सकती थी या यूं कहें कि ये गंभीर लापरवाही है जो एक बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर रही थी।
ऐसे क्या कारण हुए कि बच्चों को बीच चौराहे पर बस से उतरकर बस में धक्का लगाना पड़ा अगर स्कूल में लगी हुई बसों की यह स्थिति है तो इसमें उससे पहले आरटीओ उसके बाद शिक्षक विभाग एवं स्कूल प्रबंधन की एक गंभीर लापरवाही है जो बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पारस विद्या विहार लिखी बस क्रमांक CG 10 G 0152 जो दिन में सागर रहली बायपास पर मौजूद थी जिसमें छोटे छोटे बच्चे धक्का मार रहे थे, अभिभावकों की ये स्वयं की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को ऐसी संस्थाओं में भेजे जहां पर बच्चे सुरक्षित घर पहुंचे,न की सड़कों पर बसों में धक्के लगाएं।
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