रीवा/मनगवां: शासकीय महाविद्यालय मनगवां के प्राचार्य द्वारा पूर्व महिला अतिथि विद्वान को लेकर अपनाई गई कार्यशैली ने नए वर्ष में भी महाविद्यालय को सुर्खियों में बनाए रखा है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के प्रयासों के बावजूद, इस महाविद्यालय में अंग्रेजी विषय की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
अंग्रेजी विषय में नवीन नियुक्ति के बावजूद, पूर्व महिला अतिथि विद्वान को कथित रूप से नियमों के विरुद्ध विशेषाधिकार दिए जा रहे हैं। इस मामले ने शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
- महाविद्यालय में कई नवीन नियुक्तियां हो चुकी हैं, जिनमें अंग्रेजी विषय की नियुक्ति विशेष चर्चा में है।
- पूर्व महिला अतिथि विद्वान को लेकर प्राचार्य द्वारा अपनाई गई नीति पर विवाद।
- शिक्षा विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल।
इस पूरे मामले ने उच्च शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। शिक्षा की गुणवत्ता और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही जांच की मांग की जा रही है।
महाविद्यालय प्रशासन को सलाह दी जाती है कि वे नियमों का पालन करें और शिक्षा के स्तर को बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाएं।
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