केसली : डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अनूठी पहल

केसली (सागर) - डिजिटल युग में जहां तकनीक ने जीवन को सरल बनाया है, वहीं साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी खतरे को भांपते हुए, मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली में एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्राओं को ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखना था।

फर्जी कॉल और OTP फ्रॉड से बचने के उपाय

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) राजेश लोधी ने साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियमों को सरल भाषा में समझाते हुए, ऑनलाइन फ्रॉड के तरीकों जैसे फर्जी लॉटरी कॉल, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, और सोशल मीडिया हैकिंग के बारे में जानकारी दी।

ASI लोधी ने चेतावनी दी, "इंटरनेट की दुनिया में आपकी सजगता ही आपका सबसे बड़ा कवच है। कभी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल या मैसेज के बहकावे में न आएं।"

सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग

उन्होंने सोशल मीडिया के सही उपयोग पर जोर देते हुए कहा, फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें।

कार्यक्रम में दी गई मुख्य गाइडलाइन्स:

  • संदेहास्पद लिंक्स से दूरी: अज्ञात या प्रलोभन देने वाले लिंक्स पर क्लिक न करें।
  • निजी जानकारी की सुरक्षा: अपनी तस्वीरें और व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचें।
  • मजबूत पासवर्ड: अपने डिजिटल अकाउंट्स के लिए मजबूत और यूनिक पासवर्ड का उपयोग करें।

साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?

ASI लोधी ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि यदि वे साइबर अपराध का शिकार हो जाएं, तो उन्हें पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने साइबर स्टॉकिंग, फेक आईडी और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े खतरों पर सवाल किए। एएसआई लोधी ने उनके सभी सवालों का स्पष्ट और सरल उत्तर देकर उन्हें जागरूक किया।

कार्यक्रम के सफल समापन पर विद्यालय के प्राचार्य महेंद्र सिंह ठाकुर ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।