जबलपुर: एक वीडियो ने खलबली मचा दी है, जिसमें एक पुलिसकर्मी वरिष्ठ पत्रकार को खुलेआम धमकी देता नजर आ रहा है। इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जबलपुर के पत्रकार संगठनों और सामाजिक संस्थाओं में भारी आक्रोश फैल गया है। श्रमजीवी पत्रकार परिषद सहित कई संगठनों ने इस घटना को लोकतंत्र, प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार पर सीधा हमला बताया है।

मांग और विरोध

पत्रकार संगठनों का कहना है कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी जिन कंधों पर होती है, अगर वही पुलिसकर्मी पत्रकारों को डराने-धमकाने लगें, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

  • श्रमजीवी पत्रकार परिषद ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और निलंबन की मांग की है।
  • पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस प्रशासन ने जल्द और कठोर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा।

इस बीच, जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने दोषी पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।