आलोट। शिक्षा के बदलते दौर में शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और संस्कार निर्माण के भी प्रमुख आधार हैं। इसी उद्देश्य को लेकर आयोजित 7 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन श्री महावीर विद्यालय हायर सेकेंडरी स्कूल (सीबीएसई), आलोट में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिलीप शर्मा मुख्य अतिथि एवं विद्यालय समिति सदस्य संजय डूंगरवाल अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के पूजन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि दिलीप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि अपने आचरण, व्यवहार और जीवन मूल्यों से भी विद्यार्थियों को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से निरंतर सीखने और स्वयं को समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्री महावीर विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए संस्कारयुक्त और जिम्मेदार विद्यार्थियों का निर्माण कर रहा है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में संजय डूंगरवाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों से उनके अनुभव साझा करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक का फीडबैक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही उन्होंने आधुनिक शिक्षण संसाधनों के उपयोग के साथ चरित्र निर्माण एवं नैतिक शिक्षा को भी समान रूप से आवश्यक बताया।

विद्यालय के प्राचार्य मनोज शर्मा ने सात दिवसीय प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता और नियमित उपस्थिति के लिए सभी शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों, व्यवहारिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों और समकालीन शैक्षिक आवश्यकताओं से जोड़कर उन्हें और अधिक दक्ष बनाना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रतिवेदन शिखा शर्मा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति जैन एवं वीणा गानु ने किया, जबकि अंत में नीतू रघुवंशी ने आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं स्टाफ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का आयोजन उत्साह, अनुशासन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता के वातावरण में संपन्न हुआ।