जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी बैतूल द्वारा स्थानीय ई-दक्ष केंद्र में आधार ऑपरेटरों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले में आधार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना, डेटा की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा ऑपरेटरों की कार्य दक्षता में वृद्धि करना था। कार्यक्रम के माध्यम से ऑपरेटरों को तकनीकी पहलुओं और दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया ताकि नागरिकों को बेहतर और सुगम सेवाएं मिल सकें।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं एवं तकनीकी जानकारियां
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर श्री दिनेश पवार ने ऑपरेटरों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी:
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डेटा क्वालिटी: आधार डेटा की गुणवत्ता को उच्च स्तर पर बनाए रखने के तौर-तरीके।
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सामान्य त्रुटियां: आधार नामांकन और बायोमेट्रिक या जनसांख्यिकीय अपडेट के दौरान होने वाली आम गलतियों से बचने के उपाय।
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एक्सेप्शन हैंडलिंग: विशेष मामलों और अपवादों (Exceptions) को तय मानकों के अनुसार संभालने की प्रक्रिया।
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यूआईडीएआई के निर्देश: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा समय-समय पर जारी किए गए नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करना।
प्रशिक्षण के दौरान ऑपरेटरों की कार्य से जुड़ी विभिन्न शंकाओं का समाधान भी किया गया और उन्हें पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण एवं त्रुटिरहित सेवाएं प्रदान करने के लिए विशेष रूप से बल दिया गया।
अधिकारियों के निर्देश
जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस बैतूल श्री विवेक सूर्यवंशी द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित सभी आधार ऑपरेटरों को कड़े निर्देश दिए गए। उन्होंने ऑपरेटरों से कहा कि वे नागरिकों द्वारा लाई जाने वाली आधार संबंधी समस्याओं का त्वरित और उचित निराकरण सुनिश्चित करें, जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्य बातें
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आयोजक: जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, बैतूल।
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प्रशिक्षण स्थल: ई-दक्ष केंद्र, बैतूल।
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प्रमुख विषय: आधार डेटा क्वालिटी, नामांकन व अपडेट में सुधार, एक्सेप्शन हैंडलिंग और यूआईडीएआई के दिशा-निर्देश।
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प्रमुख प्रशिक्षक: मास्टर ट्रेनर श्री दिनेश पवार।
image source : https://betul.mpinfo.org
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