बालाघाट। खेलों की दुनिया में प्रतिभाओं को तराशने और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बालाघाट जिले में आयोजित ‘आरोह 2026’ शिविर का समापन समारोह अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष शिविर की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुआयामी स्वरूप रहा, जिसमें न केवल खेलकूद, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण के सात महत्वपूर्ण घटकों को समाहित किया गया था। शिविर के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नवागत बालक-बालिकाओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया, जिससे खिलाड़ियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
सात घटकों पर आधारित नवाचारी शिविर
‘आरोह 2026’ शिविर केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं था। जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा तैयार की गई यह कार्ययोजना खिलाड़ियों के मानसिक, शारीरिक और रचनात्मक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है। इस शिविर में सात प्रमुख घटकों को शामिल किया गया था, जिनमें खेलकूद के अतिरिक्त चित्रकला, रचनात्मक अभिव्यक्ति और अन्य कौशल आधारित गतिविधियां शामिल थीं। इन सभी क्षेत्रों में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।शिविर का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रखकर उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना था। नवागत खिलाड़ियों के लिए यह मंच सीखने और अपनी अंतर्निहित शक्तियों को पहचानने का एक शानदार अवसर रहा।
गरिमामयी समारोह में दिग्गजों की उपस्थिति
इस पुरस्कार वितरण समारोह में जिले के प्रमुख खेल हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आकाशवाणी के प्रसारण अधिकारी श्री धीरज सर थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला एथलेटिक संघ के अध्यक्ष श्री नरेश धुवारे उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला खेल अधिकारी श्री राहुल बारेसा ने की। इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग के श्री कमल तिलासे और कार्यालय प्रभारी श्री धीरज डोंगरे की गरिमामयी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उसके पश्चात मेधावी खिलाड़ियों को पदक पहनाकर उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि का उद्बोधन: नवाचार की प्रशंसा
मुख्य अतिथि श्री धीरज सर ने अपने संबोधन में कहा कि ‘आरोह 2026’ शिविर ने जो मानक स्थापित किए हैं, वे सराहनीय हैं। उन्होंने सात घटकों के समावेश वाली पहल को नवाचारी बताते हुए कहा, “खेलों के साथ व्यक्तित्व निर्माण का यह मेल खिलाड़ियों को एक जिम्मेदार और संतुलित नागरिक बनाने में मदद करेगा। विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।” उन्होंने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए विभाग की कार्यप्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना की।
सबको मिला सम्मान: प्रतियोगिता से परे की भावना
जिला एथलेटिक संघ के अध्यक्ष श्री नरेश धुवारे ने समारोह में एक बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान तक सीमित करना नहीं था, बल्कि सभी को समान अवसर और सम्मान प्रदान करना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि भागीदारी ही सबसे बड़ा पुरस्कार है। इसी भावना के साथ शिविर में भाग लेने वाले लगभग 60 खिलाड़ियों और वरिष्ठ खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।यह निर्णय न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि इसने खेल भावना के सच्चे स्वरूप को भी प्रदर्शित किया। सभी खिलाड़ियों ने एक-दूसरे की जीत का जश्न मनाया और भविष्य में भी खेल, कला एवं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
खिलाड़ियों के लिए एक नया संकल्प
समारोह के समापन पर जिला खेल अधिकारी राहुल बारेसा ने शिविर की सफलता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि यह पदक केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित सभी युवाओं को भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।शिविर के दौरान हुई चित्रकला प्रतियोगिता और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों ने स्पष्ट कर दिया कि बालाघाट के खिलाड़ियों में खेल के साथ-साथ रचनात्मकता का अद्भुत संगम है। कार्यक्रम के अंत में एक सामूहिक फोटो सत्र हुआ, जिसमें खिलाड़ियों की मुस्कान उनकी सफलता की कहानी बयां कर रही थी। ‘आरोह 2026’ शिविर ने बालाघाट के युवाओं में एक नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया है, जो आने वाले समय में जिले की खेल उपलब्धियों में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
यह शिविर आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल की तरह काम करेगा, जहां खेल और कला के समन्वय से युवाओं के सर्वांगीण विकास की राह दिखाई गई है।
Image Source: https://balaghat.mpinfo.org
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