बालाघाट। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत बालाघाट जिले में किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है। शासन की नीतियों के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से जिले के सभी 13 निर्धारित केंद्रों पर सुव्यवस्थित तरीके से उपार्जन कार्य संपन्न कराया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बोनस सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो किसानों की आर्थिक उन्नति में सहायक सिद्ध हो रहा है।

खरीदी के आंकड़े और किसानों को भुगतान

जिले में प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले के कुल 4388 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए पंजीयन कराया था। फसल विक्रय की इस प्रक्रिया में अब तक उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। 25 मई 2026 तक की स्थिति के अनुसार, जिले के 2726 किसानों से कुल 83 हजार 843 क्विंटल गेहूं की खरीद सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।

इस उपार्जन का कुल मूल्य 22 करोड़ 87 हजार 875 रुपये है। किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से भुगतान की प्रक्रिया शुरू की है। अब तक लगभग 17 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में सुनिश्चित कर दिया गया है। भुगतान की यह त्वरित प्रक्रिया किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने का कार्य कर रही है, जिससे उन्हें आगामी फसलों की तैयारी के लिए समय पर पूंजी उपलब्ध हो रही है।

उपार्जन केंद्रों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाएं

जिला आपूर्ति अधिकारी श्री आर. के. ठाकुर ने इस प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी 13 केंद्रों पर गेहूं खरीदी का कार्य 15 अप्रैल 2026 से निरंतर जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपार्जन के लिए पंजीकृत 4388 किसानों में से अब तक 2912 किसानों ने अपनी फसल विक्रय के लिए स्लाट बुक करा लिया है, जो कि एक सकारात्मक संकेत है।

किसानों को खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। प्रत्येक केंद्र पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं:

  • छाया की व्यवस्था: गर्मी के मौसम को देखते हुए किसानों के बैठने के लिए पर्याप्त छायादार स्थानों की उपलब्धता।

  • पेयजल: केंद्रों पर आने वाले किसानों के लिए शुद्ध पेयजल की निरंतर आपूर्ति।

  • अन्य सुविधाएं: किसानों और उनके वाहनों के लिए सुगम आवाजाही तथा अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं।

जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने बालाघाट के किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा और स्लाट बुकिंग के अनुसार ही केंद्रों पर अपनी उपज लेकर पहुंचें। इस अपील के पीछे मुख्य उद्देश्य खरीदी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करना और केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना है। समय पर उपज विक्रय करने से न केवल किसानों को अपना भुगतान जल्दी प्राप्त करने में मदद मिलेगी, बल्कि पूरी उपार्जन व्यवस्था भी अनुशासित बनी रहेगी।

किसानों के लिए यह वर्ष क्यों है महत्वपूर्ण?

रबी विपणन वर्ष 2026-27 का यह सत्र बालाघाट के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार द्वारा बोनस सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य निर्धारित किए जाने से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर रिटर्न मिल रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और उनकी फसल का दाना-दाना एमएसपी पर खरीदा जाए।

इस पूरी प्रक्रिया में जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से लेकर केंद्र प्रभारियों तक, सभी ने एक टीम भावना के साथ काम किया है। बालाघाट जिला प्रशासन आने वाले दिनों में शेष पंजीकृत किसानों की उपज की खरीद को भी इसी पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए कटिबद्ध है।

यह उपार्जन अभियान न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रहा है, बल्कि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी एक नई गति प्रदान कर रहा है। बालाघाट में चल रही यह खरीदी प्रक्रिया राज्य सरकार के 'किसान हितैषी' दृष्टिकोण का एक सशक्त उदाहरण है।

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