मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 21 मई 2026 को एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा की गई। बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी की अध्यक्षता में आयोजित इस जिला स्तरीय बैठक ने न केवल प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े कई बड़े संदेश भी दिए। इस बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुखों ने भाग लेकर आने वाले समय के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
इस बैठक की सबसे खास और चर्चा का विषय बनी बात सांसद श्रीमती भारती पारधी का बैठक स्थल तक पहुंचने का तरीका था। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का कड़ा संदेश देते हुए ई-रिक्शा का उपयोग किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल और डीजल के सीमित उपयोग के आह्वान का समर्थन करते हुए सांसद ने यह पहल की। उनका मानना है कि ईंधन की बचत ही नहीं, बल्कि प्रदूषण को कम करना भी आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सांसद ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं में पर्यावरण-अनुकूल साधनों को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह देशहित के लिए अत्यंत अनिवार्य है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि
इस महत्वपूर्ण बैठक में बालाघाट जिले के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई दिग्गजों की उपस्थिति रही। इसमें वारासिवनी विधायक श्री विवेक विक्की पटेल, लांजी विधायक श्री राजकुमार कर्राहे, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत सिंह ठाकुर, एसडीएम श्री गोपाल सोनी, जिला परिवहन अधिकारी श्री अनिमेष गढ़पाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप और यातायात प्रभारी श्रीमती यीना राहंगडाले सहित कई अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
सड़क दुर्घटनाओं की गहन समीक्षा और ब्लैक स्पॉट सुधार
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा और यातायात प्रभारी श्रीमती यीना राहंगडाले ने पिछले तीन वर्षों का तुलनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
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ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन: बैठक में उन क्षेत्रों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। सांसद ने इन ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने के लिए PWD और NHAI को समन्वय के साथ त्वरित कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
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जागरूकता अभियान: सांसद श्रीमती पारधी ने हेलमेट अभियान को केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि एक 'जन-आंदोलन' बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और पेट्रोल पंपों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
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सुरक्षा मानक: सड़कों पर संकेतक बोर्ड, रम्बल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर और रात के समय बेहतर दृश्यता के लिए प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी गई।
ट्रैफिक सिग्नल और आमजन की राहत
भीषण गर्मी को देखते हुए सांसद ने जिले में लगे ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग को कम करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल का मुख्य उद्देश्य नियम पालन कराना है, लेकिन इस भीषण धूप में आमजन को सिग्नल पर रुककर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसका भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने यातायात अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ट्रैफिक के वॉल्यूम का विश्लेषण कर टाइमिंग को वैज्ञानिक आधार पर व्यवस्थित करें।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और PM-CM राहत योजना
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने स्वास्थ्य विभाग को सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए निर्देश जारी किए।
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योजनाओं का प्रचार: PM-CM राहत योजना और आयुष्मान भारत योजना की सूची को ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद नागरिक भी लाभ ले सकें।
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पारदर्शिता: दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक राहत राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके।
बालाघाट की प्रदेश में उपलब्धि
बैठक में यह गर्व का विषय सामने आया कि बालाघाट जिला सड़क दुर्घटना पीड़ितों को राहत पहुंचाने में पूरे मध्य प्रदेश में अव्वल है। जिले के 129 पीड़ितों को वर्तमान में PM राहत योजना का लाभ मिल चुका है। सर्वाधिक 'प्री-अप्रूव्ड' मामलों के कारण प्रदेश के मुख्य सचिव ने बालाघाट जिले के प्रशासन के कार्यों की विशेष सराहना की है, जो पूरे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान
बैठक के अंत में सांसद भारती पारधी ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के उन कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, जिन्होंने सड़क सुरक्षा और राहत योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सांसद ने अपने समापन भाषण में यह स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का व्यक्तिगत कर्तव्य है। नियमों का पालन करना न केवल कानून का सम्मान है, बल्कि स्वयं के और दूसरों के जीवन की रक्षा का सबसे सरल मार्ग भी है।
बालाघाट जिले में आयोजित यह बैठक भविष्य के लिए एक नई दिशा तय करती है। प्रशासन का यह कदम न केवल दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक होगा, बल्कि आम जनता के प्रति जवाबदेही और संवेदना को भी प्रदर्शित करता है।
Image Source: https://balaghat.mpinfo.org
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