बालाघाट जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एक अद्भुत और ऐतिहासिक पहल की जा रही है। 14 जून 2026 (रविवार) को आयोजित होने वाले सबसे बड़े ऑनलाइन योगाभ्यास कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराने के लिए जिला प्रशासन और आयुष विभाग ने कमर कस ली है। इस महा-अभियान में जिले के नागरिकों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन जिला आयुष कार्यालय में किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न सक्रिय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और योग को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

विश्व रिकॉर्ड की ओर बालाघाट के कदम

जिला आयुष अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार पंद्रे की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई इस बैठक में कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई। डॉ. पंद्रे ने बताया कि यह आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार और हैबिल्ड हेल्थटेक प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। 14 जून को सुबह 06:15 बजे से 07:35 बजे तक आयोजित होने वाला यह ऑनलाइन सत्र केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक विश्व रिकॉर्ड बनाने का माध्यम है।

इस सत्र का मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से एक साथ दुनिया भर में सर्वाधिक लोगों की भागीदारी दर्ज कराना है। बालाघाट जिला इस वैश्विक उपलब्धि का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रतिभागी इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए केवल एक टोल-फ्री नंबर '1800-315-7008' पर मिस्ड कॉल देकर अपना निःशुल्क पंजीकरण सुनिश्चित कर सकते हैं। यह प्रक्रिया अत्यंत सरल है ताकि समाज के हर वर्ग के लोग इससे जुड़ सकें।

'Yoga for Healthy Aging' है इस वर्ष की थीम

बैठक के दौरान डॉ. जितेन्द्र कुमार पंद्रे ने सभी सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे योग को एक 'जन-आंदोलन' का रूप दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति का अचूक साधन है। आयुष मंत्रालय ने इस वर्ष 'Yoga for Healthy Aging' (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) की थीम निर्धारित की है, जो युवाओं और बुजुर्गों दोनों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। सामाजिक संगठनों के सहयोग से विभाग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मिस्ड कॉल पंजीकरण प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा, ताकि बालाघाट जिला राज्य और देश में अग्रणी भूमिका निभा सके।

जमीनी स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान

जिला नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह उईके ने बताया कि कलेक्टर महोदय के निर्देशन में जिले के हर कोने में तैयारियों का दौर जारी है। समस्त आयुष संस्थाओं के माध्यम से एक वृहद जनजागरूकता व पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। डॉ. उईके के अनुसार, सभी आयुष परिक्षेत्रों के तहत शासकीय और निजी शैक्षणिक संस्थानों में लगातार योगाभ्यास सत्र हो रहे हैं। इन सत्रों में प्रतिभागियों को योग के लाभ सिखाने के साथ-साथ 14 जून के ऐतिहासिक सत्र के लिए मौके पर ही शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी इच्छुक नागरिक इस ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड से वंचित न रहे।

प्रमुख संस्थानों में पंजीकरण का रिकॉर्ड

डॉ. दीपाली वाकड़े ने पूर्व में संपन्न हुए अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि जिले के प्रतिष्ठित संस्थानों में इसे लेकर भारी उत्साह है। उन्होंने बताया कि:

  • सरदार पटेल आयुर्वेद महाविद्यालय, बालाघाट: यहाँ के स्टाफ और छात्रों ने बड़ी संख्या में ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।

  • सतपुड़ा आईटीआई कॉलेज, बालाघाट: कॉलेज के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया है।

  • औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), बूढ़ी: यहाँ के छात्र-छात्राओं ने बड़े पैमाने पर पंजीयन कर योग के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया है।

योग से स्वास्थ्य और खुशहाली की ओर

बैठक में उपस्थित सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने का भरोसा दिलाया। संगठनों का मानना है कि योग के माध्यम से समाज में न केवल स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि एक स्वस्थ और तनावमुक्त समाज का निर्माण होगा। योग प्रशिक्षकों का कहना है कि 14 जून का यह सत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जो वृद्धावस्था में भी सक्रिय और स्वस्थ रहना चाहते हैं।

प्रशासन की योजना है कि 14 जून की सुबह जिले के हर घर से एक व्यक्ति इस ऑनलाइन सत्र से जुड़ा हो। इसके लिए वॉट्सऐप ग्रुप्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और घर-घर जाकर पंपलेट बांटने का कार्य किया जा रहा है। आयुष विभाग की टीमें निरंतर मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि पंजीयन के आंकड़ों में बालाघाट शीर्ष पर रहे।

बालाघाट की भागीदारी से बनेगा गौरवशाली इतिहास

यह पहली बार है जब तकनीक का उपयोग कर योग के क्षेत्र में विश्व स्तर पर इतनी बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। बालाघाट का जिला प्रशासन, आयुष विभाग और जागरूक सामाजिक संगठनों का यह संयुक्त प्रयास न केवल जिले का मान बढ़ाएगा, बल्कि योग को भारत की जड़ों से जोड़कर वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर इस ऐतिहासिक सत्र का हिस्सा बनें। यह न केवल एक विश्व रिकॉर्ड में भागीदारी होगी, बल्कि स्वयं के स्वास्थ्य और दीर्घायु की दिशा में एक छोटा सा सकारात्मक कदम भी होगा।

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