राज्य निर्वाचन आयोग, मध्य प्रदेश के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत अंतिम प्रकाशन के संबंध में गुरुवार, 23 जुलाई को बालाघाट कलेक्ट्रेट में स्टैंडिंग कमेटी की एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जी.एस. धुर्वे (आईएएस) द्वारा की गई। बैठक में निर्वाचन प्रवर सहायक अधीक्षक (स्थानीय निर्वाचन) श्री दीपक चौरगड़े, इलेक्शन सुपरवाइजर सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में राजनीतिक दलों की सहभागिता और महत्वपूर्ण चर्चा

मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए आयोजित इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

  • बैठक में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इंडियन नेशनल कांग्रेस (कांग्रेस) के अधिकृत प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से शिरकत की।

  • राजनीतिक दलों के इन प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक विषयों पर अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार साझा किए।

बैठक के प्रमुख एजेंडे और चर्चा के बिंदु

कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिनमें मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • डुप्लीकेट मतदाता: मतदाता सूची से दोहरे (डुप्लीकेट) नामों को हटाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।

  • ऑनलाइन पंजीयन: नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया को और सुगम बनाने पर चर्चा हुई।

  • दावा-आपत्ति केंद्र: आम जनता की सुविधा हेतु स्थापित किए गए दावा-आपत्ति केंद्रों के कामकाज और प्राप्त आपत्तियों के समयबद्ध निराकरण की समीक्षा की गई।

  • सूची का वितरण: बैठक के ठीक पश्चात, पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची की एक-एक प्रति उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से प्रदान की गई।

अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे के निर्देश एवं संदेश

बैठक के दौरान अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जी.एस. धुर्वे ने निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक शुद्ध, स्पष्ट और त्रुटिरहित मतदाता सूची ही किसी भी स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया की वास्तविक आधारशिला होती है।

उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ निरंतर बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए निर्वाचन आयोग के प्रत्येक निर्देश का प्रभावी और जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहा है। इस प्रकार के सहयोगात्मक प्रयासों से आगामी निर्वाचन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा सुदृढ़ बनेगी।

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