आमला। विकास कार्य जहां ग्रामीणों के लिए सुविधा का माध्यम बनने चाहिए, वहीं ग्राम पंचायत ससाबढ़ के बल्लाचाल ढाना में चल रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निर्माण सामग्री (रेत, गिट्टी और अन्य मटेरियल) मुख्य मार्ग और पुरानी गली की सड़क पर इस तरह डाल दी गई है कि पिछले तीन-चार दिनों से ग्रामीणों का आवागमन लगभग पूरी तरह बंद हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण सामग्री सड़क पर फैले होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मोटरसाइकिल और ऑटो जैसे वाहन नहीं निकल पा रहे हैं तथा लोगों को गिरते-पड़ते किसी तरह वाहन निकालने पड़ रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, जो रास्ता बंद होने के कारण नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी ग्राम पंचायत ससाबढ़ की सरपंच को भी दी गई थी। शिकायत के बाद केवल नाममात्र के लिए सड़क से कुछ सामग्री हटाई गई, लेकिन आवागमन की समस्या जस की तस बनी हुई है।
इधर बल्लाचाल आंगनवाड़ी केंद्र के पास से गुजरने वाले ससाबढ़-बल्लाचाल मार्ग पर भी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा मिट्टी डालकर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे इस मार्ग से भी आवागमन लगभग असंभव हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पीडब्ल्यूडी विभाग इस मार्ग पर तत्काल मुरम या बजरी डलवा दे तो सड़क चलने योग्य हो सकती है और लोगों को राहत मिलेगी। वर्तमान में मौसम परिवर्तन के चलते कई लोग बुखार एवं अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं, लेकिन उचित रास्ता नहीं होने के कारण वे उपचार के लिए भी घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
ग्रामीण बंटी मसाने, बद्री चौहान, रविंद्र चौहान, कमलेश अतुलकर, गणेश और रमेश ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य जारी रहे, लेकिन निर्माण सामग्री की उचित व्यवस्था की जाए ताकि आम लोगों का आवागमन बाधित न हो। उनका कहना है कि वैकल्पिक मार्ग को मुरम या बजरी डालकर तुरंत सुगम बनाया जाए, जिससे बच्चे स्कूल जा सकें, मरीज अस्पताल पहुंच सकें और ग्रामीण सुरक्षित रूप से अपने दैनिक कार्यों के लिए आ-जा सकें।
 *इस संबंध में ठेकेदार को कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किए।*
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष विरोध दर्ज कराने को मजबूर होंगे।