बैतूल जिले के नागरिकों को शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का समय पर लाभ दिलाने और विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। जिले के आठनेर विकासखंड में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और बुनियादी समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। शुक्रवार को जनपद आठनेर के शासकीय महाविद्यालय बरखेड़ में आयोजित इस ब्लॉक स्तरीय बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के कामकाज की बिंदुवार और विस्तृत समीक्षा की। कार्यों में लापरवाही और अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने प्रशासनिक हंटर चलाते हुए जनपद सीईओ और ब्लॉक पंचायत अधिकारी का वेतन रोकने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने साफ तौर पर कहा कि मैदानी स्तर पर सरकारी योजनाओं का प्रभाव दिखना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में पात्र हितग्राही अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहने चाहिए।


1. पात्र महिलाओं के लिए विशेष कैंप लगाने के कड़े निर्देश (बिंदुवार विवरण)

बैठक में सामाजिक सुरक्षा और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नवविवाहित महिलाओं की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा:

  • वंचित महिलाओं की प्राथमिकता: कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विवाह (शादी) के बाद अन्य स्थानों से इस क्षेत्र में आई ऐसी महिलाएं, जिनका ई-केवाईसी (e-KYC) एवं समग्र आईडी अपडेट नहीं हो पाया है, उनके प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए।

  • प्रभावित हो रहा था सरकारी लाभ: समग्र आईडी और ई-केवाईसी अपडेट न होने के कारण इन महिलाओं को मिलने वाला सरकारी राशन, एएनसी (ANC) पंजीयन और अन्य महत्वपूर्ण शासकीय योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा था।

  • जनपद सीईओ को सख्त निर्देश: कलेक्टर ने सभी जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप (शिविर) का आयोजन करें। इन कैंपों के माध्यम से पात्र महिलाओं की इन तकनीकी समस्याओं का त्वरित और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र महिला राशन और अन्य जरूरी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।


2. लापरवाही पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन: अधिकारियों के वेतन आहरण पर लगी रोक

विभिन्न योजनाओं में लक्ष्य से पीछे रहने और शासकीय कार्यों में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कड़ा दंडात्मक रुख अपनाया:

  • जनपद सीईओ का वेतन रोका: विकासखंड में ई-केवाईसी कार्य की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जब तक आठनेर ब्लॉक में 95 प्रतिशत (95%) तक ई-केवाईसी का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक जनपद सीईओ के वेतन आहरण (Salary) पर पूर्णतः रोक रहेगी।

  • ब्लॉक पंचायत अधिकारी पर गाज: केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण 'श्रम योगी मानधन योजना' के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति और रुचि नहीं पाए जाने के कारण कलेक्टर ने ब्लॉक पंचायत अधिकारी का भी वेतन आहरण रोकने के निर्देश जारी कर दिए।

  • सीडीपीओ को सख्त हिदायत: महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान होम विजिट (गृह भेंट) और टेक होम राशन (THR) वितरण प्रणाली में कम प्रगति मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) को कार्यप्रणाली में सुधार लाने और प्रगति बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए।

  • कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को नोटिस: स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान गैर-संचारी रोग (NCD) स्क्रीनिंग कार्य में बेहद खराब प्रदर्शन पाए जाने पर कलेक्टर ने टैमनी एवं गुंखेड के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।


3. ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल, सिंचाई और जर्जर भवनों की समस्याओं का त्वरित समाधान

कलेक्टर ने आठनेर ब्लॉक के ग्रामीण अंचलों से लगातार आ रही बुनियादी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को उनके तुरंत निराकरण के आदेश दिए:

  • पेयजल संकट का समाधान: ग्राम जावरा एवं दनोरा में व्याप्त पेयजल (पीने के पानी) की समस्या के त्वरित निराकरण के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) एवं जनपद पंचायत को संयुक्त रूप से निर्देशित किया गया। इसके साथ ही ग्राम धनौरी की पेयजल समस्या के समाधान हेतु जल संसाधन विभाग को आवश्यक और प्रभावी कार्यवाही करने को कहा गया।

  • सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार: जल संसाधन विभाग को कड़े निर्देश दिए गए कि क्षेत्र में संचालित सिंचाई परियोजनाओं से कोई भी गांव वंचित नहीं रहना चाहिए। पचधार नहर जलाशय की सुविधा से वंचित रह गए ग्रामों की तकनीकी समस्याओं का जल्द से समाधान कराया जाए।

  • नवीन ट्यूबवेल और पाइपलाइन निर्माण: ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ग्राम मोरुधना एवं ठेसका में पांचवें वित्त मद की राशि का उपयोग कर नवीन ट्यूबवेल (नलकूप) खनन और पाइपलाइन विस्तार का कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए गए।

  • जर्जर शासकीय भवनों का कायाकल्प: ग्राम मोरुढाना स्थित आश्रम शाला की जर्जर हो चुकी छत के पुनर्निर्माण के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार, ग्राम रीमाखुर्द एवं पलासपानी के अत्यधिक जर्जर हो चुके स्कूल भवनों की गंभीर समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा गया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को निर्देशित किया गया कि वे बारिश से पूर्व पंचायत के माध्यम से जर्जर स्कूलों की मरम्मत कराएं और उसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

  • आंगनवाड़ी और मोक्षधाम निर्माण: ग्राम बाकुड में स्थानीय ग्रामीणों की मांग के अनुसार मोक्षधाम (शमशान घाट) और नए आंगनवाड़ी भवन के निर्माण की समस्या का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए।


4. जल गंगा संवर्धन अभियान और मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा

आगामी वर्षा ऋतु (बारिश के मौसम) को ध्यान में रखते हुए और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:

  • 15 जून तक रिचार्ज वाटर स्ट्रक्चर निर्माण: जल गंगा संवर्धन अभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आठनेर ब्लॉक के सभी बोरवेल, ट्यूबवेल और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की एक सटीक सूची तैयार की जाए। इन सभी चिन्हित स्थानों पर आगामी 15 जून तक अनिवार्य रूप से 'रिचार्ज वाटर स्ट्रक्चर' (भूजल पुनर्भरण संरचनाएं) का निर्माण कार्य पूरा किया जाए।

  • सूख चुके जल स्रोतों का पुनरुद्धार: उन्होंने कहा कि जो जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, उन्हें अपस्ट्रीम जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवित किया जाए। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि जल संरक्षण के इन कार्यों का वास्तविक प्रभाव धरातल (जमीन) पर दिखाई देना चाहिए।

  • बारिश पूर्व कार्य पूर्ण करने के निर्देश: कलेक्टर ने फॉर्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) तथा अन्य निर्माण व विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले अधिकतम निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण कर लिए जाएं। पीएम आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए गए सभी आवासों की सूची को ग्राम पंचायतों के सूचना पटल (नोटिस बोर्ड) पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

  • अधोसंरचना विकास और अन्य निर्देश: सांसद निधि, विधायक निधि एवं अन्य शासकीय मदों से स्वीकृत और संचालित होने वाले विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ऐसे कार्यों जो अब तक अप्रारंभ (शुरू नहीं हुए) हैं, उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। साथ ही उद्यानिकी फसलों (Horticulture) की स्थानीय संभावनाओं को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक महिला स्व-सहायता समूहों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए ताकि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण हो सके। स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

  • त्वरित अनुग्रह राशि की मंजूरी: कलेक्टर ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्राम ढाणी के निवासी प्रकाश सहारे की डैम (बांध) में डूबने से हुई असामयिक मृत्यु के प्रकरण पर संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को निर्देशित किया कि पीड़ित परिवार को बिना किसी विलंब के त्वरित रूप से अनुग्रह सहायता राशि (मुआवजा) उपलब्ध कराई जाए।


5. बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

बरखेड़ में आयोजित इस महत्वपूर्ण ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक में जिला और ब्लॉक स्तर का पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से सहायक कलेक्टर श्री पुष्पराज खोट, अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) श्री अजीत मरावी, जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती इंदिरा महतो, आठनेर के जनपद सीईओ, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMHO) सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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