बैतूल। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री तथा बैतूल जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। प्रभारी मंत्री ने शासन की मंशानुसार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक बड़ा संदेश दिया है।

 जनसुनवाई के मुख्य बिंदु और प्रशासनिक निर्देश

1. सात दिनों में समाधान की समय-सीमा

प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों को समय पर राहत प्रदान करना है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जनसुनवाई में आने वाले आवेदकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सभी आवेदनों का व्यवस्थित निराकरण सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जनसुनवाई के प्रति बरती जाने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी अधिकारी के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

2. राजस्व और सीमांकन संबंधी शिकायतों पर त्वरित एक्शन

जनसुनवाई में भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़ी अधिकांश समस्याएं सामने आईं, जिन पर प्रभारी मंत्री और कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए:

  • अंधारिया का सीमांकन मामला: आमला तहसील के ग्राम अंधारिया निवासी रामकिशोर ने सीमांकन के लिए आवेदन दिया था। इस पर प्रभारी मंत्री ने आमला एसडीएम को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूर्ण कर आवेदक की समस्या का समाधान करें।

  • अवैध उत्खनन: भयावाड़ी में नदी से अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर प्रभारी मंत्री ने शाहपुर एसडीएम को स्थल का निरीक्षण करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

  • पट्टा और मकान का विवाद: बैतूल तहसीलदार द्वारा पट्टा वाला मकान तोड़े जाने की शिकायत को प्रभारी मंत्री ने अत्यंत संवेदनशील मानते हुए बैतूल एसडीएम को तत्काल निरीक्षण करने और वस्तुस्थिति जानकर समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।

  • अवैध कब्जे की शिकायत: मुलताई तहसील के ग्राम बिरुल बाजार निवासी सुदर्शन ने अपनी भूमि पर अनावेदक द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे की शिकायत की। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने मुलताई एसडीएम को त्वरित सीमांकन कर कब्जा हटवाने और आवेदक को न्याय दिलाने के लिए निर्देशित किया।

  • सीमांकन में अनियमितता: तिलक वार्ड टिकारी, बैतूल की निवासी राधाबाई यादव ने शिकायत की कि उनकी भूमि का बिना सीमांकन किए उस पर मकान बनाया जा रहा है। कलेक्टर ने बैतूल तहसीलदार को इस प्रकरण को प्राथमिकता पर लेकर निराकरण के निर्देश दिए।

3. जन-कल्याणकारी योजनाओं पर त्वरित संज्ञान

बैठक के दौरान कई नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ हेतु आवेदन प्रस्तुत किए:

  • पट्टा नवीनीकरण: मुलताई के शास्त्री वार्ड निवासी शंकरलाल सोनी ने अपने पट्टे के नवीनीकरण के लिए आवेदन दिया, जिस पर कलेक्टर ने मुलताई एसडीएम को निराकरण के लिए निर्देशित किया।

  • आधारभूत संरचना: चिखलीमाल निवासी सुभाष यादव ने गांव में हैंडपंप की आवश्यकता बताई, जिस पर कलेक्टर ने घोड़ाडोंगरी जनपद सीईओ को जांच कर हैंडपंप स्वीकृत करने के निर्देश दिए।

  • फसल नुकसान: ग्राम मरामझिरी निवासी रामचरित यादव की फसल नुकसान की शिकायत पर कलेक्टर ने बैतूल तहसीलदार को सर्वे करवाकर उचित राहत देने का निर्देश दिया।

  • दिव्यांग सहायता: घोड़ाडोंगरी तहसील के ग्राम फुलबेरिया निवासी रुद्र सरकार ने ट्राईसाईकिल की मांग की। कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग एवं जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि नियमनुसार पात्र आवेदक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

  • जल योजना की गुणवत्ता: मुलताई निवासी योगेश पाटनकर ने जल योजना के तहत खुदी हुई नालियों को पुनः दुरुस्त न करने की शिकायत की। कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ को तत्काल निरीक्षण कर नाली निर्माण की स्थिति सुधारने और कार्य को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

4. प्रशासनिक प्रतिबद्धता और भविष्य की दिशा

बैतूल जिले में आयोजित यह जनसुनवाई न केवल समस्याओं के निस्तारण का मंच बनी, बल्कि शासन और प्रशासन के बीच समन्वय का एक बेहतर उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट ने भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नागरिकों की समस्याओं को सुना। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने जोर देकर कहा कि जनसुनवाई मात्र एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आमजन के भरोसे को बनाए रखने का एक माध्यम है। यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे, तो शिकायतों का ग्राफ स्वतः ही नीचे आएगा। जिला प्रशासन ने अब इन सभी आवेदनों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष ट्रैकिंग प्रणाली अपनाने के भी संकेत दिए हैं ताकि कोई भी आवेदन लंबित न रहे।

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