मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में प्रशासनिक कार्यों की गति को तेज करने और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में 'समय-सीमा' (TL) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बुरहानपुर जिले के कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने की। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि जनसेवा ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति पर विशेष जोर

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने बुरहानपुर जिले में चल रहे ग्रीष्मकालीन दौर को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल की समस्या पर विशेष चर्चा की। उन्होंने नगर निगम और समस्त नगरीय निकायों के प्रमुख अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में नागरिकों को नियमित एवं सुचारू रूप से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत न हो, यह प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।

इसके अतिरिक्त, पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) को सतत् रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि पानी से जुड़ी शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर न हो, बल्कि धरातल पर होना चाहिए और इन शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी क्षेत्र से पेयजल आपूर्ति में बाधा की शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

सीएम हेल्पलाइन और विभागों का प्रदर्शन

बैठक का एक बड़ा हिस्सा 'सीएम हेल्पलाइन' के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा को समर्पित था। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने उन विभागों की सराहना की जिन्होंने शिकायतों के निराकरण में उत्कृष्ट कार्य किया है। विशेष रूप से सांख्यिकी, कृषि, स्वास्थ्य एवं सहकारिता विभाग द्वारा शिकायतों के निराकरण में की गई प्रभावी कार्रवाई पर कलेक्टर ने संतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को इसी ऊर्जा के साथ कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

वहीं, जिन विभागों का प्रदर्शन शिकायतों के निराकरण में अपेक्षाकृत कम या असंतोषजनक रहा, उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई। कलेक्टर ने इन विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाएं और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को लंबित रखना जनता के प्रति लापरवाही का प्रतीक है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

'परख' ऐप, निरीक्षण और ईंधन आपूर्ति की समीक्षा

कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों को 'परख' ऐप के माध्यम से किए गए निरीक्षण प्रतिवेदनों की गहन समीक्षा करने को कहा। उन्होंने निरीक्षण में प्राप्त कमियों को अत्यंत गंभीरता से लिया और कहा कि इन खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही अविलंब की जानी चाहिए। इसके साथ ही, जिले में पेट्रोल पंपों के निरीक्षण और ईंधन आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करें ताकि उपभोक्ताओं को ईंधन आपूर्ति में कोई बाधा न आए और व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रहे।

न्यायालयीन प्रकरणों में सतर्कता

बैठक के दौरान न्यायालयीन प्रकरणों (Court Cases) की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने शासन से संबंधित प्रकरणों में समय पर प्रतिवेदन (Reply) प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैधानिक कार्यवाही में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बरतने पर संबंधित विभाग जिम्मेदार होगा। लंबित न्यायालयीन प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर कलेक्टर ने विशेष जोर दिया ताकि शासन का पक्ष मजबूत रहे और मामले जल्द सुलझ सकें।

बुरहानपुर की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण

बुरहानपुर जिले की सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए कि परकोटे (Fort Wall) को उसके मूल स्वरूप में संरक्षित करने और शहर के ऐतिहासिक गेट्स के संरक्षण हेतु एक विस्तृत परियोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरें जिले की पहचान हैं, इसलिए इनका जीर्णोद्धार और संरक्षण पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां इन्हें देख और समझ सकें।

राजस्व वसूली और फॉर्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य

राजस्व वसूली कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, 'फॉर्मर रजिस्ट्री' (किसान पंजीयन) कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने कृषि विभाग को विशेष शिविर आयोजित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों का पंजीयन कार्य तेजी से पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन शाम को पटवारियों से कार्यों की समीक्षा करें और प्रगति की स्वयं मॉनिटरिंग करें। जमीनी स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग ही सफलता की कुंजी है।

जर्जर स्कूल भवनों पर सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में विद्यार्थियों की सुरक्षा के विषय पर कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाई। जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभाग को जिले के उन सभी स्कूल भवनों की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जो वर्तमान में असुरक्षित हैं। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जा सकता। अतः रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकतानुसार त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत, अपर कलेक्टर श्री सृजन वर्मा सहित समस्त विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे। कलेक्टर के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि बुरहानपुर जिला प्रशासन विकास कार्यों और जनहित के प्रति अत्यंत सजग है।

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