आमला। नगर पालिका परिषद आमला द्वारा वार्ड क्रमांक 2 में बनाए जा रहे सीएमओ आवास (सीएमओ हाउस) के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि भवन का निर्माण बिना पर्याप्त तकनीकी निगरानी के किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर न तो इंजीनियर और न ही सुपरवाइजर नियमित रूप से मौजूद रहते हैं। अधिकांश समय केवल ठेकेदार के कर्मचारी ही निर्माण कार्य करते दिखाई देते हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि भवन निर्माण में उपयोग किए जा रहे सरिए पर भी जंग लगी हुई दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में जंग लगे सरिए का उपयोग किया जा रहा है तो इससे भवन की मजबूती और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाए।

जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा यह कार्य रूद्र कंस्ट्रक्शन, भोपाल को टेंडर के माध्यम से दिया गया है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में लगभग 296.18 लाख रुपये की लागत से चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में भी पहले गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ चुके हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय नागरिकों ने सीएमओ हाउस सहित नगर पालिका के सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण सामग्री, जंग लगे सरिए के उपयोग के आरोप, कार्य की गुणवत्ता तथा निर्धारित मानकों के पालन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

*इनका कहना है —*

"यदि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"

*नितिन गाडरे अध्यक्ष नगर पालिका आमला*