आमला। डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय, आमला में गुरुवार को दीक्षांत समारोह गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का संदेश देने वाले इस समारोह में स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का विशेष उत्साह देखने को मिला।

 

समारोह की मुख्य अतिथि जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष कुमारी मुक्ता ढोलेकर रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी. आर. डोंगरे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मुकेश वाग़द्रे, अधिवक्ता सुरेन्द्र बारंगे एवं अपर्णा बोस उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

 

मुख्य अतिथि कुमारी मुक्ता ढोलेकर ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। अब विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने ज्ञान, प्रतिभा और संस्कारों का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करें। उन्होंने कहा कि मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच ही सफलता की सबसे बड़ी पूंजी है।

 

विशिष्ट अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में निरंतर सीखने की भावना, अनुशासन और समर्पण ही व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार, महाविद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

 

प्राचार्य डॉ. जी. आर. डोंगरे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करने का आग्रह किया।

 

समारोह में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन महाविद्यालय परिवार द्वारा किया गया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, गरिमा और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।