आमला। शहर के महत्वपूर्ण बस स्टैंड-चंद्रभागा नदी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य वार्ड क्रमांक 2 में फैले अतिक्रमण के कारण अटका हुआ है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इस मार्ग का निर्माण कराया गया है और वर्तमान में डिवाइडर लगाने का कार्य प्रगति पर है, लेकिन संतोषी माता मंदिर क्षेत्र से चंद्रभागा नदी तक फैले अवैध कब्जों के कारण सड़क का विस्तार नहीं हो पा रहा है।
जानकारी के अनुसार मार्ग के किनारे और कुछ स्थानों पर रास्ते तक झोपड़ियां एवं अस्थायी निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है। राजस्व विभाग ने निर्माण कार्य में बाधा बन रहे अतिक्रमणधारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटते ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
*शहर की यातायात व्यवस्था के लिए अहम है यह मार्ग*
बस स्टैंड से चंद्रभागा नदी तक का यह मार्ग छिंदवाड़ा-बोरदेही मार्ग को जोड़ता है। इस सड़क से प्रतिदिन भारी वाहनों का आवागमन होता है। 8 टन, 10 टन और 12 टन क्षमता के ट्रक नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरते हैं। वहीं नवंबर से मार्च तक चलने वाले शक्कर मिल सीजन में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है।
*दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र*
चंद्रभागा-संतोषी माता मंदिर क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है। यह एक चतुर्मुखी चौराहा है, जहां चारों दिशाओं से वाहन एक साथ पहुंचते हैं। स्थानीय लोग इसे "मौत का मोड़" तक कहते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यहां आज तक कोई चेतावनी बोर्ड या दुर्घटना संभावित क्षेत्र का संकेतक नहीं लगाया गया है।
सड़क चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण के बाद इस क्षेत्र में गति नियंत्रण, ट्रैफिक संकेतक और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं विकसित होने की संभावना है, जिससे दुर्घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
*जल्द कार्रवाई की मांग*
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का पूरा लाभ तब तक नहीं मिल सकता, जब तक मार्ग से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा कराने और इस संवेदनशील मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की मांग की है।
नगरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा, जिससे वर्षों से चली आ रही यातायात और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
*अधिकारियों ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब*
नगर परिषद आमला के उपयंत्री से चर्चा करने पर उन्होंने बैठक में व्यस्त होने का हवाला देते हुए कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
अतिक्रमण हटाने का है ,में नगर पालिका सीएमओ को कॉल कर के बोलता हु।
*शैलेन्द्र बड़ोनिया*
*एसडीएम आमला*

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